August 2, 2026
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पाकिस्तान के कारगिल युद्ध के कबूलनामे पर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता का रिएक्शन, कही ये बात

साल 1999 के कारगिल युद्ध के 25 साल बाद पाकिस्तान ने अपनी भूमिका स्वीकार की है। शुक्रवार को रक्षा दिवस के मौके पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने स्पष्ट तौर पर स्वीकार किया है कि कारगिल युद्ध में पाकिस्तान का हाथ था। असीम मुनीर के बयान पर कारगिल युद्ध के नायक शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता जीएल बत्रा की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि जब वो खुद स्वीकार कर रहे हैं कि हां इसमें पाकिस्तानी सेना की संलिप्तता थी तो उससे यह स्पष्ट हो गया कि उन सैनिकों पर जो भी अत्याचार किया, वो पाकिस्तानी सेना द्वारा किया गया था।

‘दोनों पड़ोसी देश अच्छे पड़ोसियों की तरह शांति से रहें’
जीएल बत्रा ने आगे कहा कि 25 साल से डॉ। कालिया के पिता अंतर्राष्ट्रीय कानून न्यायालय में इस उम्मीद से लड़ाई लड़ रहे हैं कि उन्हें न्याय मिलेगा। जब पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने इस बात को स्वीकार कर लिया है कि कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना का हाथ था तो उन बूढ़े माता-पिता के दिल को सूकून देने के लिए कुछ किया जा सकता है तो वो होना चाहिए। सभी शहीदों के माता-पिता उनकी विधवा पत्नियां और बच्चे जिंदगी की कैसी जंग से गुजरकर जी रहे हैं। इस बात को मैं बार-बार नहीं दोहराना चाहता। लेकिन, बहुत बड़ा दर्द है। लेकिन, मैं चाहता हूं कि दोनों पड़ोसी देश अच्छे पड़ोसियों की तरह शांति से रहें। इसी में दोनों देशों की तरक्की है।

क्या बोले थे जनरल असीम मुनीर?

बता दें कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने करगिल में पाक सेना के जवानों की मौत की बात स्वीकार की। उन्होंने रक्षा दिवस पर अपने संबोधन के दौरान कहा कि पाकिस्तानी समुदाय बहादुरों का समुदाय है, जो स्वतंत्रता के महत्व और इसके लिए भुगतान करने के तरीके को समझता है। चाहे 1948, 1965, 1971 हो या 1999 का करगिल युद्ध हो, जिसमें पाकिस्तान के हजारों सैनिकों ने कुर्बानी दी हो। जनरल असीम मुनीर के इसी बयान को पाकिस्तान सेना की तरफ से कारगिल युद्ध पर पहला कबूलनामा माना जा रहा है।

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