बैजनाथ 12 जून 2024 ( विकास बावा साभार पंजाब केसरी )
ईश्वर यदि जीवन दे तो बीमारी, बेरोजगारी और लाचारी कभी न दे। जब ये तीनों मुसीबतें एक साथ घर की दहलीज पर दस्तक देती हैं तो पूरे परिवार की जिंदगी नारकीय बन जाती है। जिला कांगड़ा के बैजनाथ उपमंडल के झीखली भेठ गांव के आईआरडीपी संबंध 30 वर्षीय रिंकू कुमार की दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं जबकि माता असाध्य बीमारी से ग्रसित हैं और उनकी 12 बार किमोथेरेपी हो चुकी है। ऐसे में उनके परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। रिंकू कुमार और उनके परिजनों को समाजसेवियों से आर्थिक मदद की दरकार है। रिंकू कुमार की माता गुड्डो देवी बताती हैं कि उनका बेटा बतौर टैक्सी चालक दिल्ली में काम करता था। लेकिन 5 वर्ष पहले रिंकू कुमार की किडनी में पथरी की शिकायत हुई तो दो बार ऑपरेशन करवाया। बावजूद इसके उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज करवाने पर चिकित्सकों से पता चला कि उसकी किडनियों में संक्रमण है। काफी टेस्ट करवाने के बाद दोनों किडनियां खराब पाई गईं। वर्तमान में हफ्ते में दो बार रिंकू कुमार को डायलिसिस के लिए पालमपुर सिविल अस्पताल और 3 महीने में एक बार चंडीगढ़ जाना पड़ता है जो की काफी खर्चीला साबित होता है। इसके अलावा महंगे इंजेक्शन और दवाइयों के लिए काफी खर्च होता है। रिंकू के पिता दिल्ली में टैक्सी चालक का काम करते हैं। पत्नी और बेटे की बीमारी के महंगे खर्चे ने उनकी कमर तोड़ कर रख दी है। मैं दूंगा किडनी: हमारे समाज में अक्सर बच्चों के पालन पोषण के लिए मां के योगदान को सर्वोपरि आंका गया है लेकिन जरूरत पड़ने पर बच्चों के लिए पिता अपनी जान की बाजी लगाने को भी तैयार रहते हैं। रिंकू कुमार के पिता मिलाप चंद अपने बेटे की जान बचाने के लिए किडनी देने को तैयार है। उन्होंने बताया कि वे दिल्ली में बतौर टैक्सी चालक काम करते हैं। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए भी लाखों रुपए खर्च आएगा जो उनके बस में नहीं है। मदद को आगे आए पूर्व प्रधान: पूर्व पंचायत प्रधान कृष्ण कुमार ने निजी तौर पर 5000 के फौरी मदद की है और आश्वस्त किया है कि शीघ्र ही वे उसकी हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने समाजसेवियों से रिंकू कुमार के परिवार की आर्थिक मदद का आह्वान किया है।
