बैजनाथ (कांगड़ा), 11 नवंबर 2025: हिमाचल प्रदेश के बैजनाथ में दो दिन पहले सरकारी बसों में लगाई गई आग की घटना में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी बैजनाथ के पढ़ियाकर गांव का 34 वर्षीय सुशांत है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है।
धर्मशाला सिटी ASP वीर बहादुर ने बताया कि जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी की पहचान हुई। इसके बाद बैजनाथ थाना टीम ने 8 नवंबर को सुशांत को गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी घरवालों से मनमुटाव के चलते घर से बाहर रहता है और उसे परिवार ने घर से निकाल दिया था। वह इलेक्शन का काम करता है और मानसिक रूप से असमान्य है।
ASP ने आगे बताया कि बीते दिनों एक कार में लगी आग की घटना भी इसी आरोपी की करतूत थी। कार मालिक से किसी बात पर झगड़ा होने के बाद उसने कार को आग के हवाले कर दिया था। बस आगजनी की घटना के समय आरोपी शराब के नशे में था और ठंड से बचने के लिए उसने बसें फूंक दीं। मामले की गहन जांच जारी है और घटना के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना 6 नवंबर 2025 की रात करीब सवा 1 बजे की है, जब सरकारी स्कूल बैजनाथ के पास खड़ी हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस और चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट (सीटीयू) की बस में अचानक आग लग गई। दोनों बसें कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गईं। एचआरटीसी डिपो नगरोटा बगवां के चालक सुनील कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह कंडक्टर के साथ विश्राम कक्ष में सो रहे थे। बाहर शोर सुनकर बाहर निकले तो बसों के इंजन के पास आग लगी देखी। उन्होंने अज्ञात व्यक्ति द्वारा जानबूझकर आग लगाने का संदेह जताया।
शिकायत पर बैजनाथ थाना पुलिस ने 7 नवंबर को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 326 (जी) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, भौतिक साक्ष्य जुटाए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन आरोपी की मानसिक स्थिति को देखते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
