शिमला: पहाड़ों में बसंत की गर्माहट महसूस हो रही थी, धूप खिल रही थी और दोपहर में हल्की गर्मी भी पड़ने लगी थी। लेकिन अब एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 30 मार्च तक सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिकों के मुताबिक, 28 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके चलते 26 और 27 मार्च को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। 28 से 31 मार्च के बीच कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी के साथ आंधी-तूफान का भी खतरा है। खासतौर पर 26 मार्च को कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
येलो अलर्ट जारी, कब-कब सावधानी बरतें?
28, 29 और 30 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में खराब मौसम को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के ऊपरी इलाकों में बर्फ गिरने के आसार ज्यादा हैं, जबकि निचले इलाकों में बारिश के साथ आंधी का खतरा रहेगा।
अच्छी बात ये है कि अगले 3-4 दिनों में न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, हालांकि अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
अभी कैसा है तापमान?
पिछले 24 घंटों में प्रदेश का मौसम ज्यादातर साफ रहा, जिससे दोपहर में धूप निकलने से गर्माहट महसूस हुई। लेकिन रातें अभी भी ठंडी हैं।
- सबसे कम न्यूनतम तापमान ताबो में माइनस 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान ऊना और नेरी में 29 डिग्री सेल्सियस रहा।
कुछ प्रमुख शहरों के तापमान:
- शिमला: अधिकतम 19.4°, न्यूनतम 8.2°
- मनाली: अधिकतम 20.2°, न्यूनतम 3.9°
- कुल्लू (भुंतर): अधिकतम 27.0°, न्यूनतम 6.6°
- धर्मशाला: अधिकतम 23.0°, न्यूनतम 6.2°
- ऊना: अधिकतम 29.0°, न्यूनतम 12.5°
कल्पा, केलांग और कुकुमसेरी जैसे ऊंचे इलाकों में अभी भी कड़ाके की ठंड बनी हुई है।
क्या करें और क्या न करें?
- ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा कर रहे लोगों को बर्फबारी और फिसलन का खतरा रह सकता है, इसलिए सड़कों पर सावधानी बरतें।
- मैदानी और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में आंधी-बारिश के दौरान खेतों में काम करते समय या खुले में रहते समय सतर्क रहें।
- मौसम विभाग की अपडेट नियमित रूप से चेक करते रहें।
अभी कुछ दिन पहले तक लोग गर्मी की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पहाड़ों का मौसम हमेशा की तरह अनिश्चित है। इस बारिश-बर्फबारी से फसलों को नुकसान भी हो सकता है, लेकिन साथ ही जल स्रोतों में नमी बढ़ेगी और जंगल की आग का खतरा भी कम होगा।
हिमाचलवासियों से अपील है — अगले पांच दिन सावधानी से निकालें। घर से निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखें, और पहाड़ी सड़कों पर ड्राइविंग करते समय स्पीड कम रखें। मौसम का हाल बदलता रहेगा, तो अपडेट्स के लिए भरोसेमंद स्रोतों पर नजर बनाए रखें।
