बैजनाथ 24 मार्च 2026 ( वीर खड़का)
आर्थिक तंगी और प्राकृतिक आपदाओं के बीच भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने जनता की उम्मीदों को नहीं छोड़ा। हिमाचल प्रदेश के पूर्व उपाध्यक्ष रविंदर बिट्टू ने बजट को पूरे प्रदेश के समग्र विकास का दस्तावेज बताते हुए सीएम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह बजट हर वर्ग – किसान, युवा, महिला, कर्मचारी और व्यापारी – की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
रविंदर बिट्टू ने खासतौर पर महिलाओं के सशक्तिकरण वाले प्रावधानों की तारीफ की। उन्होंने बताया कि सरकार एक लाख महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने जा रही है। “ये फैसला महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है,” बिट्टू ने कहा।
उन्होंने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के ऐलान को आम जनता के लिए सबसे बड़ी राहत बताया। “बिजली का बिल हर घर की चिंता होती है, इस प्रावधान से लाखों परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा,” उन्होंने जोड़ा। साथ ही दूध उत्पादकों के लिए समर्थन मूल्य बढ़ाने के फैसले की सराहना की। बिट्टू का कहना था कि इससे पशुपालकों और किसानों की आय में अच्छी खासी बढ़ोतरी होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
बिट्टू ने मुश्किल वक्त में भी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट और आपदाओं के बावजूद मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश को कुशलता से संभाला। विकास कार्य और जनकल्याण योजनाएं रुकी नहीं, बल्कि जारी रहीं। “ये उनकी मजबूत नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शिता का सबूत है,” उन्होंने कहा।
बजट में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर खास जोर दिया गया है। बिट्टू के अनुसार, इन प्रावधानों से हिमाचल आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनेगा।
इस मौके पर रविंदर राव, मिलाप राणा, रमेश चड्डा, शशि राणा, वीरेंद्र जंबाल, मोहिंदर डोहरी, कुलदीप राणा, रणजीत राणा, सैलभ अवस्थी, कार्तिक राणा, अतुल चौधरी, विकास राणा, मोहिंदर रिहाल और सचिन शर्मा समेत कई नेताओं ने भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का शुक्रिया अदा किया।
कुल मिलाकर, यह बजट चुनौतियों के बीच भी आम आदमी के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश लगता है। अब देखना होगा कि ये घोषणाएं जमीन पर कितनी तेजी से उतरती हैं।
