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August 16, 2026
HealthShimla

ये हैं ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण, इन्हें ना करें नजरअंदाज, लें डॉक्टर की सलाह

शिमला: ‘ब्रेस्ट कैंसर’ इसका नाम सुनकर महिलाओं के मन में न जाने कैसे-कैसे ख्याल आते हैं. ये बीमारी महिलाओं के लिए किसी सदमें से कम नहीं है. वैसे कम ही लोग जानते हैं कि इस कैंसर के शिकार पुरुष भी होते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के मुताबिक ये कैंसर का सबसे कॉमन प्रकार बन चुका है और हर साल दुनियाभर में ब्रेस्ट कैंसर के 23 लाख मामले सामने आते हैं. WHO के मुताबिक कैंसर के हर 8 मामलों में से एक मामला ब्रेस्ट कैंसर का होता है और ये पुरुष या महिला किसी में भी हो सकता है. महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होने पर कई तरह के लक्षण महसूस होते हैं, लेकिन कई दफा कुछ महिलाओं को कोई भी लक्षण महसूस नहीं होता. वर्ल्ड कैंसर डे के खास मौके पर हम आपको बताएंगे कि ब्रेस्ट कैंसर क्यों होता है? ब्रेस्ट कैंसर से बचाव कैसे करें?

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित आईजीएमसी अस्पताल के कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर मनीष गुप्ता से ईटीवी भारत World Cancer Day के मौके पर बात की. उन्होंने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों से लेकर जांच के बारे में भी जानकारी दी.

ब्रेस्ट कैंसर क्या है?

आज के समय में ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं को होने वाला सबसे कॉमन कैंसर है. कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर मनीष गुप्ता ने बताया, “अगर आमतौर पर महिलाओं की ब्रेस्ट में दर्द होता है तो ये कैंसर का संकेत नहीं है, लेकिन अगर स्तन पर गांठ या सूजन आ गई है तो चिंता की बात है. ब्रेस्ट के रंग में कोई परिवर्तन, ब्रेस्ट के आस पास दाने या पपड़ी जमना. ऐसा कोई भी लक्षण नजर आता है तो बिना समय गंवाए डॉक्टर के पास जाएं. ब्रेस्ट कैंसर का जितनी जल्दी पता चले उतनी जल्दी इसका इलाज होता है.”

ब्रेस्ट कैंसर होने का कारण ?

कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर मनीष गुप्ता ने बताया कि आज के समय में महिला हो या पुरुष दोनों नौकरी करते हैं जिसका असर शादी की उम्र और फिर मां बनने की उम्र पर पड़ा है. महिलाएं 30 साल या उससे अधिक उम्र के बाद शादी करने का फैसला लेती हैं. मां बनने की उम्र भी बढ़ गई है. जिसके कारण माताएं अपने बच्चों को ब्रेस्ट फीडिंग करवाने में भी देर कर देती हैं.
कई बार बहुत सी महिलाएं अपने बच्चों को ब्रेस्ट फीडिंग नहीं करा पाती हैं. ऐसे में उनके अंदर ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा और भी कई अहम वजह हैं जिससे ब्रेस्ट कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन ब्रेस्ट कैंसर के लिए प्रोटेक्टिव फैक्टर ब्रेस्ट फीडिंग ही है.
डॉ. मनीष गुप्ता बताते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों का बड़ा कारण हमारा खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खान-पान है.
फिजिकल एक्टिविटी में कमी के कारण वजन बढ़ जाता है. इस वजह से हम काफी बीमारियों को घर बैठे न्योता देते हैं.

एक्सपर्ट की सलाह मानिये

डॉ. मनीष गुप्ता ने बताया कि “महिलाएं अपनी ब्रेस्ट के बदलाव पर नजर रख सकती हैं, ब्रेस्ट में बदलाव नज़र आने पर डॉक्टर की सलाह लें. 25 साल के बाद महीने में एक बार खुद को एग्जामिन करें और ब्रेस्ट में कुछ बदलाव दिखने पर डॉक्टर के पास जाएं. जहां कुछ जरूरी परीक्षण या स्कैनिंग से बीमारी का पता चल जाएगा. इसी के साथ ब्रेस्ट कैंसर अनुवांशिक भी है अगर परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर है तो उन्हें डॉक्टर की सलाह से स्कैनिंग करवा सकते हैं. जल्दी पता चलने पर कैंसर को शुरुआती चरण में ही फैलने से रोका जा सकता है.”

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