बैजनाथ, 28 सितंबर (वीर खड़का)
जिला कांगड़ा प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की संयुक्त टीम ने बैजनाथ उपमंडल की मुल्थान तहसील की ग्राम पंचायत पोलिंग के दुर्गम क्षेत्र में स्थित ग्लेशियर झील का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य झील की मौजूदा स्थिति, आसपास की भौगोलिक परिस्थितियों और संभावित आपदा जोखिमों का आकलन करना रहा।
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा और एसडीएम बैजनाथ संकल्प गौतम ने अधिकारियों एवं बचाव दल के साथ करीब 14 किलोमीटर लंबे कठिन पहाड़ी ट्रैक को पूरा कर डाइनसर क्षेत्र में स्थित ग्लेशियर झील तक पहुंचकर मौके का जायजा लिया। इस दौरान झील के जलस्तर, आसपास के क्षेत्र, जल निकासी और संभावित जल प्रवाह की दिशा का निरीक्षण किया गया।
अभियान में तहसीलदार मुल्थान हरीश, डीडीएमए प्रतिनिधि कुलदीप सिंह, जल शक्ति एवं राजस्व विभाग के अधिकारी तथा माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट की सर्च एंड रेस्क्यू टीम के प्रभारी जितेंद्र सहित करीब 22 सदस्यीय टीम शामिल रही।
स्थलीय निरीक्षण के बाद डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ग्लेशियर झील से किसी तत्काल खतरे के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, क्षेत्र की भौगोलिक और भूकंपीय संवेदनशीलता को देखते हुए भविष्य में बड़े भूकंपीय कंपन अथवा अन्य प्राकृतिक घटना की स्थिति में संभावित जोखिम से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने झील क्षेत्र में अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS) स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। इससे झील के जलस्तर या अन्य परिस्थितियों में असामान्य बदलाव होने पर प्रशासन और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाली आबादी को समय रहते चेतावनी देने में मदद मिलेगी।
संभावित जोखिम को देखते हुए निचले क्षेत्रों में मॉक ड्रिल और इवेक्युएशन ड्रिल आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। पोलिंग, चेरना, लोहारडी और लोहारडी स्कूल क्षेत्र में लोगों को आपदा की स्थिति में सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने, निर्धारित निकासी मार्गों का इस्तेमाल करने और चेतावनी संकेतों को समझने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
