बैजनाथ, 27 सितंबर 2026 (वीर खड़का)
हाल ही में भाजपा का दामन थामने वाले प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव ऋषभ पांडव ने कहा कि वह राजनीति में अपना करियर बनाने नहीं, बल्कि अपना सुनहरा करियर छोड़कर जनसेवा के उद्देश्य से राजनीति में आए हैं। उन्होंने कहा कि वह कंप्यूटर साइंस इंजीनियर हैं और चाहें तो अपने पेशे में बेहतर भविष्य बना सकते थे, लेकिन उन्होंने जनसेवा को अपने जीवन का उद्देश्य मानकर राजनीति का रास्ता चुना।
ऋषभ पांडव ने अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि पिछले करीब नौ वर्षों से वह लगातार राजनीति में तिरस्कार महसूस कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह लोगों के काम करवाने के लिए विभिन्न कार्यालयों में जाते थे तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता था कि काम बहुत मुश्किल है और ऊपर से आदेश हैं कि ऋषभ पांडव या उनके किसी परिचित का काम नहीं किया जाना है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों ने उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया।
पांडव ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में लोगों के हिमकेयर योजना के तहत लाखों रुपये के भुगतान लंबित हैं, जिसके चलते जरूरतमंद लोगों को इलाज करवाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाते हुए लंबित भुगतान का समाधान करना चाहिए, ताकि आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दर-दर न भटकना पड़े।
पांडव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के धरातल पर जाने की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की स्थिति बनी हुई है, आने वाले समय में हालात ऐसे हो सकते हैं कि “एक कांग्रेसी लाओ और इनाम पाओ।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी नीतियों, धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, पूर्व विधायक मुल्ख राज प्रेमी तथा अपने समर्थकों और शुभचिंतकों के सहयोग से उन्होंने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक मुल्ख राज प्रेमी ने कहा कि ऋषभ पांडव के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में उन्हें पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा।
इस मौके पर सुरेंद्र राणा, रोहित कपूर, पामिल सूद, संजय सकलानी, अनिल अवस्थी निखिल ठाकुर संसार चंद कुलदीप राणा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
करियर छोड़ जनसेवा के लिए राजनीति में आया, नौ साल के तिरस्कार ने पार्टी छोड़ने को किया मजबूर: ऋषभ पांडव
