पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में मंगलवार रात को एक बड़ा घटना घटित हुई जब बलूच लिब्रेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान की जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया। यह ट्रेन क्वेटा से पेशावर जा रही थी और इसमें करीब 400 यात्री सवार थे, जिनमें से 100 से अधिक पाकिस्तानी आर्मी, पुलिस और आईएसआई के कर्मी भी थे। विद्रोही ट्रेन को एक सुरंग में ले गए, जहां पाकिस्तानी सेना ने बंधकों को बचाने के लिए एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया।
विद्रोहियों की धमकी और अल्टीमेटम
BLA ने पाकिस्तानी सेना को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे सभी बंधकों को मार देंगे। विद्रोहियों ने पाकिस्तान सरकार से बलूच कैदियों को रिहा करने की मांग की है, और यदि यह मांग पूरी नहीं होती, तो गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। अब तक 10 लोगों को मारने की खबर आई है, जिसमें 9 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी
पाकिस्तानी सेना ने अब तक 104 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया है। इनमें 43 पुरुष, 26 महिलाएं और 11 बच्चे शामिल हैं। वहीं, जवाबी कार्रवाई में 16 विद्रोही मारे गए हैं। पाकिस्तानी सेना ने फिलहाल ऑपरेशन को जारी रखा है और सभी बंधकों को बचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, विद्रोही अफगानिस्तान में अपने लीडर्स से संपर्क में हैं, और सुरक्षा बलों को चुनौती दे रहे हैं।
विद्रोहियों ने यात्रियों को छोड़ा, सिब्बी में अस्पताल भेजे गए
सूत्रों के मुताबिक, बलूच विद्रोहियों ने 104 यात्रियों को छोड़ दिया और उन्हें सेना की सुरक्षा में सिब्बी के अस्पतालों में भेजा। सिब्बी जिले के अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।
संयुक्त राष्ट्र की निंदा और पाकिस्तानी सेना की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस हमले की कड़ी निंदा की है, जबकि पाकिस्तानी सेना ने विद्रोहियों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने आगे कोई हिंसक कार्रवाई की तो परिणाम भयानक होंगे।
यह घटना पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और बलूचिस्तान में विद्रोहियों की बढ़ती ताकत को दर्शाती है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और तनाव बढ़ सकता है। ऑपरेशन अब भी जारी है और सेना हर संभव प्रयास कर रही है ताकि बचे हुए बंधकों को सुरक्षित रिहा किया जा सके।
