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August 16, 2026
Shimla

हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी पर कड़ा प्रहार: विधानसभा ने पारित किया विधेयक

शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने शुक्रवार को राज्य में नशा तस्करी के दोषियों को मृत्युदंड देने संबंधी कड़ा कानून पारित कर दिया। इसके साथ ही नशे की लत से पीड़ित लोगों के पुनर्वास के लिए भी एक अलग विधेयक स्वीकृत किया गया।

क्या है नए कानून के प्रावधान?

  • हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध निवारण एवं नियंत्रण विधेयक 2025 के तहत नशा तस्करी करने वालों को आजीवन कारावास या मृत्युदंड दिया जा सकेगा।
  • इसके अलावा 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
  • यह कानून नशीले पदार्थों के परिवहन, आपूर्ति और भंडारण पर लागू होगा।
  • अवैध खनन, मानव तस्करी, वन्यजीव तस्करी, जाली दस्तावेज बनाने और मानव अंगों की तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
  • शिक्षण संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थ बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नशे की बढ़ती समस्या को देखते हुए यह कानून जरूरी था। उन्होंने कहा, “यदि भविष्य में आवश्यकता हुई, तो इसे और सख्त बनाया जाएगा।”

नशामुक्ति और पुनर्वास विधेयक

  • हिमाचल प्रदेश मादक पदार्थ एवं नियंत्रित पदार्थ (निवारण, नशामुक्ति और पुनर्वास) विधेयक, 2025 के तहत सरकार को पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का अधिकार मिलेगा।
  • स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि इससे नशे के शिकार लोगों को बेहतर इलाज और सहायता मिल सकेगी।

भाजपा ने की सराहना
भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने इस विधेयक को सराहनीय कदम बताया।

इन विधेयकों के राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद इन्हें लागू किया जाएगा। माना जा रहा है कि नशा तस्करी के लिए मृत्युदंड का प्रावधान करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

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