बैजनाथ, 8 जुलाई। (वीर खड़का )
मानसून के दौरान ट्रेकिंग रूट्स पर बढ़ते हादसों और पर्यटकों के लापता होने की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन कांगड़ा ने बड़ा फैसला लिया है। अब उपमंडल बैजनाथ के अंतर्गत आने वाले थमसर और जालसू ट्रैकिंग पास सहित 2500 से 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी प्रमुख ट्रेकिंग रूट्स पर जाने से पहले ट्रेकर्स के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके लिए संबंधित स्थानों पर आपदा प्रबंधन चेक पोस्ट स्थापित की जाएंगी।
उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) बैजनाथ संकल्प गौतम ने बताया कि यह व्यवस्था जिला दंडाधिकारी कांगड़ा हेमराज बैरवा द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 के तहत जारी आदेशों के अनुसार लागू की जा रही है। आदेश 15 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान भूस्खलन, अचानक जलस्तर बढ़ने, कम दृश्यता और फिसलन जैसी परिस्थितियों के कारण ट्रेकिंग रूट्स पर खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में ट्रेकर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा द्वारा चिन्हित दस ट्रेकिंग रूट्स पर प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चेक पोस्ट संचालित होंगी। ट्रेक पर जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति अथवा समूह को यात्रा शुरू करने से पहले अपना पंजीकरण कराना होगा। साथ ही ट्रेक का विस्तृत रूट प्लान, संपर्क विवरण तथा अनुमानित वापसी का समय भी दर्ज कराना अनिवार्य रहेगा।
एसडीएम संकल्प गौतम ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति या समूह बिना पंजीकरण ट्रेकिंग करता है, निर्धारित मार्ग छोड़कर अन्य रास्ते पर जाता है अथवा किसी दुर्घटना में फंसता है, तो उसके बचाव अभियान पर होने वाला पूरा खर्च संबंधित व्यक्ति या समूह से वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने सभी स्थानीय नागरिकों, ट्रेकर्स और पर्यटकों से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और ट्रेकिंग से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराकर अपनी तथा अपने साथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
