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September 30, 2026
Religious

पापमोचनी एकादशी 2025: भगवान विष्णु और तुलसी पूजा का महत्व

हिंदू धर्म में पापमोचनी एकादशी का विशेष महत्व है। यह व्रत चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और मान्यता है कि इस व्रत से भक्तों के पापों का नाश होता है। पापमोचनी एकादशी 2025 में 25 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन तुलसी पूजा करने से व्रत का फल और भी अधिक बढ़ जाता है। आइए जानते हैं पापमोचनी एकादशी का शुभ मुहूर्त और तुलसी पूजा की विधि।

पापमोचनी एकादशी 2025 का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 25 मार्च 2025 को सुबह 05 बजकर 05 मिनट पर शुरू होगी और 26 मार्च को रात 03 बजकर 45 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, 25 मार्च को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

तुलसी पूजा की विधि

पापमोचनी एकादशी पर तुलसी पूजा करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है। तुलसी पूजा की सही विधि इस प्रकार है:

  1. सुबह जल्दी उठें: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. पूजा घर की सफाई: पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और साफ-सफाई करें।
  3. तुलसी और भगवान विष्णु की स्थापना: तुलसी के पौधे और भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र को एक साथ स्थापित करें।
  4. दीपक जलाएं: तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएं और कुमकुम अर्पित करें।
  5. 16 शृंगार की सामग्री: तुलसी जी को 16 शृंगार की सामग्री अर्पित करें।
  6. भोग लगाएं: आंटे के हलवे और ऋतु फल का भोग लगाएं।
  7. परिक्रमा करें: तुलसी जी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें।
  8. तुलसी चालीसा और कवच का पाठ: तुलसी चालीसा और कवच का पाठ करें।
  9. आरती करें: भव्य आरती करें और शंखनाद करें।
  10. क्षमा याचना: पूजा में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें।

तुलसी पूजा के मंत्र

  1. वृंदा देवी-अष्टक:
    गाङ्गेयचाम्पेयतडिद्विनिन्दिरोचिःप्रवाहस्नपितात्मवृन्दे ।
    बन्धूकबन्धुद्युतिदिव्यवासोवृन्दे नुमस्ते चरणारविन्दम् ॥
  2. ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे:
    ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात् ॥
  3. समस्तवैकुण्ठशिरोमणौ:
    समस्तवैकुण्ठशिरोमणौ श्रीकृष्णस्य वृन्दावनधन्यधामिन् ।
    दत्ताधिकारे वृषभानुपुत्र्या वृन्दे नुमस्ते चरणारविन्दम् ॥

पापमोचनी एकादशी का महत्व

पापमोचनी एकादशी को सबसे पवित्र एकादशी माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों के पापों का नाश होता है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। तुलसी पूजा से व्रत का फल और भी अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है।

इस पावन अवसर पर भक्तों को तामसिक भोजन और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। पूजा में पवित्रता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें। पापमोचनी एकादशी का व्रत रखकर और तुलसी पूजा करके भक्त भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

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