पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता बंबर ठाकुर पर गोलीबारी की घटना में पुलिस ने तीन गाड़ियों को ट्रेस किया है और छह लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने एक हरियाणा नंबर की बोलेरो और दो टैक्सियों को ट्रेस किया है। पुलिस मंजीत नड्डा और रोहित राणा सहित अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। हमले के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
होली के दिन शुक्रवार को दोपहर बाद बंबर ठाकुर बिलासपुर स्थित अपनी पत्नी के सरकारी आवास पर होली मना रहे थे, तभी चार अज्ञात लोगों ने उन पर 24 गोलियां चलाईं। हमले में उनके पीएसओ संजीव गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि पार्टी कार्यकर्ता विशाल चंदेल के पैर में गोली लगी है। बंबर ठाकुर की टांग में एक गोली लगी है और वह आइजीएमसी शिमला में इलाज करवा रहे हैं, जबकि पीएसओ संजीव को पेट और टांग में दो गोलियां लगी हैं और उन्हें दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया गया है।
सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है कि हमले के दौरान बंबर ठाकुर और अन्य लोग गाड़ियों के पीछे छिपकर जान बचा रहे थे। पीएसओ संजीव ने हमलावरों पर गोली चलाई, जिसके बाद हमलावर भाग गए। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम को 25 गोलियों के खाली खोल मिले हैं, जिनमें से एक पीएसओ द्वारा चलाई गई गोली का है।
डीआइजी मंडी सौम्या सांबशिवन की अध्यक्षता में एसआइटी का गठन किया गया है। एसआइटी ने घटनास्थल का दौरा किया और सीसीटीवी फुटेज से कुछ अहम सुराग हासिल किए हैं। पुलिस का मानना है कि हमलावर योजनाबद्ध तरीके से आए थे और कई दिनों से बिलासपुर शहर की रेकी कर रहे थे। हमलावरों को हरियाणा का बताया जा रहा है।
बंबर ठाकुर और पीएसओ संजीव को क्षेत्रीय अस्पताल में इलाज के बाद एम्स बिलासपुर रेफर किया गया, लेकिन बंबर ठाकुर ने एम्स में इलाज करवाने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि एम्स बिलासपुर को लेकर उन्होंने दो दिन पहले ही धरना दिया था, इसलिए उन्हें वहां बेहतर इलाज नहीं मिलेगा। आइजीएमसी शिमला के डॉक्टरों ने बंबर ठाकुर को सलाह दी है कि गोली को न निकालना सुरक्षित है, जबकि पीएसओ संजीव के शरीर से दोनों गोलियां निकाल दी गई हैं और वह खतरे से बाहर हैं।
पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संदीप धवल ने बताया कि पूर्व विधायक और पीएसओ खतरे से बाहर हैं और सीसीटीवी कैमरों से अहम साक्ष्य मिले हैं। पुलिस टीमें जगह-जगह दबिश दे रही हैं और जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बंबर ठाकुर से एम्स में इलाज करवाने का अनुरोध किया था, लेकिन बंबर ठाकुर आइजीएमसी में इलाज करवाना चाहते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है और इसका उदाहरण बिलासपुर गोलीकांड है। उन्होंने मांग की कि इस घटना की गंभीरता से जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस बीच, पुलिस ने गोलीकांड के दो आरोपितों को बिलासपुर से कुल्लू की ओर ले जाने वाले ऋषिकेश (बिलासपुर) के चालक को मंडी के चक्कर से पकड़ा है। चालक ने बिलासपुर नंबर की बोलेरो कैंपर गाड़ी का इस्तेमाल किया था। पुलिस का मानना है कि आरोपितों ने वारदात को अंजाम देने के लिए चार गाड़ियों का इस्तेमाल किया है।
