हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज (सोमवार, 17 मार्च 2025) विधानसभा में राज्य का तीसरा बजट पेश करेंगे। यह बजट वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए है और इसमें राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं और नीतियां शामिल हैं। बजट का आकार लगभग 60 हजार करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस बजट में राज्य को 2027 तक आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का सबसे अमीर राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए राजस्व स्रोतों को बढ़ाने, हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए गए हैं।
पिछले दो बजटों में भी सुक्खू सरकार ने सुधारवादी कदम उठाए थे। पहले बजट में 13 नई योजनाएं शुरू की गई थीं, जबकि दूसरे बजट में सात नई योजनाएं और तीन नई नीतियां घोषित की गई थीं। इस बार के बजट में भी महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कई योजनाएं शामिल होने की संभावना है।
बजट तैयार करने वाली टीम ने मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना के नेतृत्व में कड़ी मेहनत की है। इस टीम में प्रधान सचिव देवेश कुमार, विशेष सचिव वित्त रोहित जम्वाल, योजना सलाहकार डॉ. बसु सूद और संयुक्त सचिव प्रदीप कुमार जस्वाल जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बजट पेश करने के लिए पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए इलेक्ट्रिक कार का उपयोग किया, जो उनके हरित राज्य के लक्ष्य के अनुरूप है।
इस बजट में पंचायतीराज चुनावों को भी ध्यान में रखा गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलने की उम्मीद है। राज्य की वित्तीय स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद, सरकार ने आय के स्रोतों को बढ़ाने और राजस्व घाटे को कम करने के लिए कई उपाय प्रस्तावित किए हैं।
इस बजट के माध्यम से हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
