August 15, 2026
Baijnath

Bada Bhangal News: बड़ा भंगाल की कपूरी देवी को मिला नया जीवन: मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और चौपर रेस्क्यू ने बचाई जान


बैजनाथ | 1 जुलाई, 2026 (वीर खड़का )

  • वर्ष 2024 में गंभीर बीमारी के दौरान दुर्गम क्षेत्र से एयरलिफ्ट कर टांडा मेडिकल कॉलेज पहुंचाई गई थीं कपूरी देवी
  • इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ बुजुर्ग महिला भावुक होकर बोलीं– ‘डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री की माता समझकर किया मेरा इलाज, धन्यवाद मुख्यमंत्री’
    बैजनाथ , हिमाचल प्रदेश के अति दुर्गम और पहाड़ों की ओट में बसे क्षेत्र ‘बड़ा भंगाल’ की रहने वाली बुजुर्ग महिला कपूरी देवी के लिए सूबे के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू किसी देवदूत से कम साबित नहीं हुए। वर्ष 2024 में जब कपूरी देवी मौत और जिंदगी के बीच झूल रही थीं, तब मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता के कारण उन्हें न केवल समय पर चौपर (हेलीकॉप्टर) से रेस्क्यू किया गया, बल्कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में उनका बेहतरीन इलाज करवाकर उन्हें एक नया जीवन दिया गया। आज पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी कपूरी देवी ने मुख्यमंत्री का कोटि-कोटि धन्यवाद किया है।
    अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाना सुक्खू सरकार का मूल मंत्र
    एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर प्रदेश के सर्वोच्च पद पर पहुंचे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का व्यक्तित्व सादगी और संवेदनशीलता का अनूठा संगम है। उनकी कार्यशैली में हमेशा व्यवस्था परिवर्तन की झलक दिखती है, जिसका केंद्र समाज का वह अंतिम व्यक्ति है जो मुख्यधारा से कटा हुआ है। आपदा का समय हो या कोई अन्य विपरीत परिस्थिति, मुख्यमंत्री ने फाइलों से बाहर निकलकर हमेशा सीधे जनता के बीच जाकर उनकी पीड़ा को समझा है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों के प्रति उनकी यही संवेदनशीलता इस घटना में भी साफ नजर आई।
    मौत के मुंह से खींच लाया ‘सरकारी चौपर’
    कपूरी देवी ने अपने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया कि वर्ष 2024 में वह अचानक अत्यंत गंभीर रूप से बीमार हो गई थीं। बड़ा भंगाल जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्र से उन्हें सामान्य रास्तों से अस्पताल पहुंचाना लगभग असंभव था। स्थिति बिगड़ती देख मुख्यमंत्री सुक्खू ने तुरंत संज्ञान लिया और अपने सरकारी चौपर को उन्हें रेस्क्यू करने के निर्देश दिए।
    कपूरी देवी ने बताया, “टांडा अस्पताल पहुंचने तक मैं बेसुध हो चुकी थी, मुझे कुछ होश नहीं था। अगर मुख्यमंत्री जी समय पर हेलीकॉप्टर नहीं भेजते, तो शायद आज मैं जिंदा न होती। सरकार ने मेरा पूरा इलाज मुफ्त करवाया।”
    ‘डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री की माता समझकर की सेवा’
    मुख्यमंत्री के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कपूरी देवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्टाफ ने उनकी देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा, “अस्पताल में डॉक्टरों ने मेरी सेवा बिल्कुल वैसे ही की, जैसे वो मुख्यमंत्री जी की सगी माता का इलाज कर रहे हों।”
    दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के बीच मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कराने के इस मानवीय दृष्टिकोण की पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है। कपूरी देवी की यह कहानी सरकार की संवेदनशीलता और आम जनमानस के प्रति उनकी जवाबदेही की एक जीती-जागती मिसाल है।

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