बैजनाथ में गोरखा समुदाय द्वारा हरितालिका तीज का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर एसडीएम बैजनाथ देवी चंद ठाकुर बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। उन्होंने द्वीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस प्रकार के परंपरागत त्योहार मनाए जाने से ही पौराणिक सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखा जा सकता है। हिमाचली गोरखा परिवार के अध्यक्ष वीर खड़का के नेतृत्व में गोरखा समुदाय द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए। कार्यक्रम में तहसीलदार बैजनाथ रमन ठाकुर, आयुर्वैदिक कॉलेज के प्राचार्य डाक्टर विजय चौधरी, बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग शर्मा, जिला परिषद सदस्य अनिल कटोच, घनश्याम राणा, त्रिलोक चंद धीमान तथा गोरखा समुदाय के सैंकड़ो लोग उपस्थित रहे।
क्या है इस त्यौहार की मान्यता
दरअसल इस त्यौहार को मनाए जाने के पीछे की वंदी है कि माता पार्वती ने शिव को पाने के लिए घोर तपस्या की थी। इसके बावजूद जब भगवान शिव अपनी साधना से बाहर नहीं आए तो माता पार्वती ने विष्णु भगवान के पास जाकर शिव को पाने की गुहार लगाई। भगवान विष्णु के निर्देशों के अनुसार एक विशेष तालिका बनाई गई जिसे अपनाते हुए माता पार्वती ने शिव को प्राप्त किया। आज भी नेपाली मूल की महिलाएं इस त्यौहार को योग्य पर प्रति और ससुराल और माइक के पक्ष की सुख समृद्धि के तौर परमानती हैं।
