बैजनाथ।
भाद्रपद माह के अंतिम शनिवार को बाबा महाकालेश्वर मंदिर, महाकाल में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने शनिवार मेले में शिरकत कर बाबा महाकाल और शनिदेव के दर्शन किए और पुण्य लाभ प्राप्त किया।
मंदिर के कपाट तड़के 4 बजे खुलते ही भक्तों की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लग गईं, जो मुख्य गेट से बाहर तक फैल गईं। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं और वे भीगते हुए भी दर्शन के लिए डटे रहे।
मंदिर प्रशासन, ट्रस्ट एवं पुलिस बल के समन्वय से भक्तों को दर्शन कराने की व्यवस्था प्रभावी ढंग से की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर मंदिर परिसर को भक्ति रस में डुबो दिया। शनिदेव महाराज को तेल, तिल एवं काले वस्त्र अर्पित कर भक्तों ने अपनी दशाओं के निवारण की प्रार्थना की।
मुख्य पुजारी पंडित राम कुमार जी ने बताया कि भाद्रपद माह के अंतिम शनिवार को बाबा महाकाल और शनिदेव को अर्पण विशेष फलदायी होता है। इसी दिन मंदिर में विशेष जलाभिषेक और आरती का आयोजन भी किया गया।
करीब पाँच हजार श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। देर रात तक पूजा, आरती और दीपदान का क्रम चलता रहा। हजारों दीपों की रोशनी से मंदिर परिसर जगमगा उठा और शनिवार मेलों का समापन दिव्य वातावरण में हुआ।
श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि महाकाल की नगरी में आकर हर कोई आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो जाता है।
