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September 1, 2026
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Himchal News : दिल्ली से बैजनाथ आ रही बस में कछुए के साथ पकड़ी गई महिला, अंब में पुलिस ने किया गिरफ्तार

ऊना के अंब में हरियाणा रोडवेज की बस में कार्रवाई, महिला के पास मिला जिंदा इंडियन फ्लैपशेल टर्टल; दस्तावेज न दिखाने पर गिरफ्तार

अंब (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब उपमंडल में हरियाणा रोडवेज की बस में एक महिला यात्री को जिंदा कछुए के साथ पकड़ा गया है। महिला दिल्ली से बैजनाथ जा रही थी। बस चालक की सतर्कता के चलते कछुए को ले जाने का मामला सामने आया। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे पहली सितंबर तक रिमांड पर भेज दिया गया है। कछुए को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला की पहचान गीता देवी पत्नी कन्हैया लाल द्विवेदी, निवासी गांव चकराना तिवारी, डाकघर नैनी, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। महिला के पास इंडियन फ्लैपशेल टर्टल बरामद हुआ।

ढाबे पर बस रुकी तो चालक की पड़ी नजर

हरियाणा रोडवेज के दिल्ली डिपो में तैनात चालक सुधीर कुमार, निवासी रिडाऊ, खरखौदा, सोनीपत, दिल्ली से बैजनाथ रूट पर बस चला रहे थे। शनिवार रात करीब डेढ़ बजे बस अंब के कटौहड़ कलां स्थित एक ढाबे पर रुकी।

इस दौरान महिला यात्री बस से नीचे उतरी। चालक ने देखा कि उसके हाथ में एक प्लास्टिक का डिब्बा था और वह उसमें मौजूद पानी को बदल रही थी। चालक को कुछ संदिग्ध लगा तो उसने महिला से डिब्बे के बारे में पूछताछ की।

डिब्बा खोला तो अंदर था जिंदा कछुआ

ध्यान से जांच करने पर पता चला कि प्लास्टिक के डिब्बे के अंदर जिंदा कछुआ रखा हुआ था। चालक ने महिला से कछुए को ले जाने संबंधी दस्तावेज या अनुमति पत्र मांगा, लेकिन महिला कोई कागजात पेश नहीं कर सकी।

पूछताछ में महिला ने बताया कि वह इस कछुए को धर्मशाला स्थित एक मंदिर के महंत मंगल पुरी के पास ले जा रही थी। हालांकि, कछुआ उसके पास कहां से आया और उसे धर्मशाला क्यों ले जाया जा रहा था, इसकी जांच पुलिस कर रही है।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई

डीएसपी अंब अनिल पटियाल ने बताया कि बस चालक की शिकायत पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा बीएनएसएस की धारा 173 के तहत शिकायत दर्ज की गई है। महिला से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कछुआ कहां से लाया गया था।

कछुए को सुरक्षित रूप से वन विभाग के हवाले कर दिया गया है।

अंधविश्वास के चलते कछुआ पालने का चलन

कई लोग वास्तु शास्त्र या भाग्य से जुड़ी मान्यताओं के कारण कछुआ पालते हैं। हालांकि, वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत भारतीय मूल की संरक्षित प्रजातियों को बिना अनुमति रखना या उनका अवैध परिवहन करना अपराध हो सकता है।

क्या हो सकती है सजा?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में संरक्षित वन्यजीवों के अवैध कब्जे या तस्करी के लिए कड़े दंड का प्रावधान है। दिए गए स्रोत के अनुसार, पहली बार अपराध में तीन से सात वर्ष तक की कठोर कैद और जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला कछुआ कहां से लाई थी और उसे धर्मशाला में महंत को सौंपने के पीछे क्या वजह थी।

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