बैजनाथ 05 जुलाई 2024 (जितेंद्र कौशल)
प्रदेश की सबसे बड़ी नगर पंचायत बैजनाथ पपरोला में एक बार फिर पुराने प्रतिद्वंद्वियों के बीच में ही चुनावी जंग होने के आसार दिख रहे हैं ! तकरीबन आठ साल पहले जब से बैजनाथ नगर पंचायत का गठन हुआ है तब से ही यह नगर पंचायत विकास से ज्यादा आपसी विवादों के लिए ज्यादा चर्चित रही है । देखा जाए तो इस नगर पंचायत में भाजपा कांग्रेस से ज्यादा आपसी प्रभुत्व की लड़ाई हमेशा ही ज्यादा रही है । जहां तक बैजनाथ कस्बे का संबंध है यहां पर अमित कपूर और बालकृष्ण बंटी का काफी अर्से से पंचायत स्तर पर वर्चस्व रहा है वहीं पर पिछले 3 सालों से ज्यादा समय तक बैजनाथ नगर पंचायत की अध्यक्ष रही कांता देवी भी पहले दो बार पंचायत प्रधान रहने के बाद लगातार दूसरी बार भी ओपन सीट से पार्षद चुनकर आई है । पपरोला में भी मुकेश कुमार छन्नू तथा अनीता सूद की तो एक अलग ही छाप है इन दोनों से भी इनके प्रतिद्वंदियों को पार पाना आज तक टेढ़ी खीर ही साबित हुआ है यह कहना भी गलत नहीं होगा कि पपरोला की स्थानीय निकायो की राजनीति में काफी लंबे अरसे से उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। जहां तक आशा कुमारी का संबंध है वह भी दूसरी बार ओपन सीट से पार्षद बनकर आई है तथा कांग्रेस पार्टी में एकमात्र आरक्षित महिला है । बैजनाथ पपरोला नगर पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव 6 जुलाई को होना निश्चित हुए हैं । बैजनाथ में जहां तक अध्यक्ष पद का सवाल है वे अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। कांग्रेस पार्टी की ओर से 11 नंबर वार्ड की पार्षद आशा कुमारी अध्यक्ष पद के लिए तथा एक नंबर वार्ड की पार्षद वेदना कुमारी उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार लगभग फ़ाइनल ही मानी जा रही है । जहां तक भाजपा का सवाल है तो कांता देवी ने साफ कर दिया है की बह हर हाल में नगर पंचायत बैजनाथ पपरोला से अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने जा रही है उन्होंने तो यहां तक कह दिया है कि विचारधारा चाहे उनकी जरूर भाजपा रही है परंतु पंचायत स्तर पर कांग्रेस तथा भाजपा विचारधारा वाले लोग उनके लिए हमेशा ही बराबर रहे हैं यही वजह है कि बह पिछले 20 सालों से लगातार पंचायत के चुनाव जीत कर आ रही है । जहां तक उपाध्यक्ष पद का सवाल है भाजपा की ओर से अभी भी इस बारे में अजमंजश की स्थिति बनी हुई है पिछली बार भाजपा की ओर से उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार रहे अमित कपूर पहले ही कह चुके हैं कि बह इस बार उपाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं है । इसकी बजह है कि इस बार अमित कपूर किंग बनने की अपेक्षा किंग मेकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं तथा नगर पंचायत जो घटनाक्रम पिछले चार महीनों से चला आ रहा है उसके पीछे अमित कपूर ही मुख्य सूत्रधार रहे हैं । भाजपा की ही बात करें तो वार्ड नंबर 2 से जीत कर आई पूर्व में जिला परिषद सदस्य रहे तिलक राज की पत्नी रितु कुमारी भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल है कहा तो यहां भी तक भी जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों से नाराज पार्षद इन्हें अपना अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बना सकते हैं । इस बारे में रितु कुमारी का कहना है कि इन चुनावों में उनके समर्थक पार्षद उन्हें जिस भी भूमिका में देखना चाहते हैं उसके लिए वह तैयार हैं। इन चुनावों में जहां कांग्रेस पार्टी के विधायक किशोरी लाल पूरी नजर रखे हुए हैं तथा अनुसूचित जाति मोर्चे के परदेश उपाध्यक्ष रविंद्र बिट्टू सहित संगठन के अन्य लोग भी पार्षदों के साथ बैठक कर आपसी समन्वय बिठाने का प्रयास कर रहे हैं तथा हर हाल में कांग्रेस विचारधारा के लोगों को अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान करवाने के लिए प्रयासरत दिखाई दे रहे हैं । वहीं पर भाजपा की ओर से पूर्व में विधायक रहे मुल्क राज प्रेमी ने कांता देवी से चुनाव के बारे में दूरभाष से जरूर कुछ चर्चा की है इसके अलावा ना तो जिले की ओर से ना ही प्रदेश स्तर पर कोई बड़ा नेता प्रयासरत करता नहीं दिखाई दे रहा है । राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कांता देवी को कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाने के लिए इस शर्त पर तैयार हो गई थी कि वह पहले कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करें परंतु कांता देवी ने यह कहकर मना कर दिया कि पिछले 20 सालों से उसका भाजपा से नाता है तथा इसे बह नहीं छोड़ सकती । कुल मिलाकर 6 जुलाई को होने वाले बैजनाथ पपरोला नगर पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनावों में मुकाबला दिलचस्प होने वाला है तथा इन चुनावों में पिछली बार की तरह ही इस बार भी क्रॉस वोटिंग के पूरे पूरे आसार बने हुए हैं ।
