मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर और मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर को भिखारियों से मुक्त बनाने की कोशिश की जा रही है. पिछले दिनों पुलिस ने शहर के अलग-अलग ठिकानों से भिखारियों को पकड़ा था. इनमें से 14 भिखारियों के पास काफी कैश था. एक महिला भिखारी के पास से 75 हजार रुपये बरामद किए गए थे. अब प्रशासन ने आदेश दिया है कि नए साल में 1 जनवरी 2025 से भिखारियों को भीख देने वालों को नहीं बख्शा जाएगा. भीख देने वालों पर ही एफआईआर दर्ज की जाएगी.
इंदौर को भिखारी मुक्त बनाने की कोशिश
इंदौर के कलेक्टर ने कहा कि हम शहर को रहने के लिए बेहतर जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं. इंदौर को भिखारी मुक्त बनाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है. प्रशासन की ओर से कहा गया कि हम लोगों से कहना चाहते हैं कि भीख देकर पाप के भागी न बनें. शहर को भिखारी मुक्त बनाने के लिए आम लोगों से सहयोग की अपील करते हैं. इसके लिए शहर में जागरुकता अभियान भी चलाया जाएगा.
भीख मांगने वाले कई गिरोहों का हुआ पर्दाफाश
इंदौर प्रशासन का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में भीख मांगने वाले कई गिरोह का पर्दाफाश किया है. इनके ग्रुप में शामिल कई भिखारियों का प्रशासन की ओर से पुनर्वास किया गया है. बता दें कि केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है. इसके तहत देश के 10 शहरों को भिखारी मुक्त बनाना है. इसमें इंदौर भी शामिल है. परियोजना अधिकारी ने बताया कि शहर में कुछ परिवार ऐसे हैं जो पकड़े जाने के बाद भी बार-बार भिक्षावृत्ति में शामिल होते हैं.
