July 22, 2026
Baijnath

Baijnath Mahashivratri:वफादारी की मिसाल ,जर्मन शेफर्ड ‘अल्फा’ ने बर्फबारी में 48 घंटे तक मालिक के शव की रखवाली की, अब डॉग शो में बना सितारा

बैजनाथ (कांगड़ा), 18 फरवरी 2026 — हिमाचल प्रदेश के बैजनाथ में चल रहे राज्य स्तरीय शिवरात्रि महोत्सव के डॉग शो में एक जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता ‘अल्फा’ फिर से सुर्खियों में रहा। 5 साल का यह कुत्ता न सिर्फ अपनी ट्रेनिंग और अनुशासन के लिए जाना जाता है, बल्कि अपने दिवंगत मालिक के प्रति अटूट वफादारी की जीती-जागती मिसाल है।

3 फरवरी 2024 को पठानकोट निवासी अभिनंदन गुप्ता (30) अपनी दोस्त प्रणिता बाला साहिब (26, पुणे) के साथ बीड़-बिलिंग (कांगड़ा जिला) के प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग स्पॉट पर घूमने गए थे। उनके साथ उनका पालतू कुत्ता अल्फा भी था, जिसे अभिनंदन ने मात्र 3 दिन की उम्र में घर लाया था और कमांड्स पर ट्रेन किया था।

ट्रेक के दौरान भारी बर्फबारी हुई और दोनों एक गहरी खाई में गिर गए। चोटों और अत्यधिक ठंड के कारण उनकी मौत हो गई। अल्फा खुद घायल होने के बावजूद 48 घंटे तक (लगभग 9,000 फीट की ऊंचाई पर) दोनों शवों के पास भूखा-प्यासा खड़ा रहा और जंगली जानवरों (जिसमें भालू भी शामिल था) से उनकी रखवाली करता रहा।

5 फरवरी 2024 की सुबह रेस्क्यू टीम (पैराग्लाइडर्स और पुलिस) ने कुत्ते के रोने की आवाज सुनकर घटनास्थल तक पहुंचकर शव बरामद किए। जब शवों को गाड़ी में लादा जा रहा था, तो अल्फा खुद लपककर गाड़ी में चढ़ गया और पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार तक साथ रहा। उसके बाद भी तीन दिनों तक उसने कुछ नहीं खाया।

अभिनंदन के परिवार ने अल्फा को गोद लिया। अब विक्रांत (परिवार के सदस्य) बताते हैं कि अल्फा अभिनंदन की आवाज की नकल पर तुरंत प्रतिक्रिया देता है। वह कई बार उस घटनास्थल पर खुद पहुंच जाता है। अभिनंदन की मां ऊषा गुप्ता हर महीने पठानकोट से बीड़ आती हैं, और अल्फा उन्हें देखते ही गोद में कूद जाता है।

डॉग शो में अल्फा आकर्षण का केंद्र बना रहा। कुल 30 कुत्तों ने चार कैटेगरी में हिस्सा लिया। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुषमा शर्मा ने कहा, “कुत्ता धरती पर सबसे वफादार प्राणी है। अल्फा जैसे कई उदाहरण हैं जो अपनी जान जोखिम में डालकर मालिक का साथ निभाते हैं। कुत्तों की सूंघने की क्षमता, अनुशासन, संतुलित जीवनशैली और वफादारी उन्हें अन्य जानवरों से अलग बनाती है।”

डॉग शो के अन्य विजेताओं में चैम्पियन कपिल की ‘जिन्नी’ रही, जबकि लार्ज ब्रीड में रनोई और मसरूर का ‘तूफान’ क्रमशः प्रथम और द्वितीय रहे। मीडियम कैटेगरी में कुंसल की ‘रूबी’ ने पहला स्थान हासिल किया।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि कुत्ते सिर्फ पालतू नहीं, बल्कि सच्चे साथी होते हैं। अल्फा की कहानी आज भी लोगों के दिलों में बसती है और वफादारी की अनमोल मिसाल बनी हुई है।

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