बैजनाथ | रिपोर्ट: वीर खड़का
राजीव गांधी राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, पपरोला में शुक्रवार को रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल तथा कानून मंत्री यादविंदर गोमा ने की। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार तथा रोगियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल, एसडीएम बैजनाथ संकल्प गौतम, आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सालय एवं महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान चिकित्सालय एवं महाविद्यालय की वर्तमान व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा संसाधनों, आधारभूत सुविधाओं तथा भविष्य में किए जाने वाले विकास कार्यों की जानकारी दी। साथ ही मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य अतिथि यादविंदर गोमा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा संस्थान में आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं के विस्तार के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किए जाएं।
बैठक में रोगी कल्याण समिति ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कुछ महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए। निर्णय के अनुसार भविष्य में अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों से 10 रुपये का पर्ची शुल्क लिया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल परिसर के बाहर पार्किंग शुल्क व्यवस्था भी लागू करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे विस्तृत रणनीति तैयार करने के बाद आगामी समय में लागू किया जाएगा।
बैठक में रोगियों की सुविधा, चिकित्सकीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, अस्पताल के आधारभूत ढांचे के विकास, स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित परिसर तथा भविष्य की विकास योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि लिए गए निर्णयों को चरणबद्ध तरीके से लागू कर संस्थान को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
