सेहल/बैजनाथ 3 नवंबर ( वीर खड़का )
हिमाचल प्रदेश सरकार के जनसंपर्क एवं जनसमस्या निवारण अभियान ‘जनता का द्वार’ के तहत विधायक किशोरी लाल ने आज ग्राम पंचायत धरेड़ एवं सेहल में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उपमंडल बैजनाथ के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे, ताकि लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान पेयजल, सड़क, बिजली, कृषि, स्वास्थ्य सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। इनमें से अधिकांश समस्याओं का संबंधित विभागों के अधिकारियों के माध्यम से मौके पर ही निपटारा किया गया।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत सेहल के प्रधान सनी कपूर और बीडीसी सदस्य रविन्द्र कुमार ने विधायक किशोरी लाल के समक्ष गांव की प्रमुख समस्याएं उठाईं। उन्होंने चंगर विद्युत परियोजना के तहत आने वाली गांव की कुहल (नहर) की उचित देखरेख न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने बताया कि परियोजना विभाग की अनदेखी के चलते बरसात के दौरान कुहल अवरुद्ध हो जाती है, जिससे स्कूल परिसर का पानी सड़क के रास्ते गत्ता फैक्ट्री तक पहुंच जाता है। इसके कारण सड़क को भारी नुकसान होता है और सेहल, संसाल, मरहेड़, देओल व फटाहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बैजनाथ आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध होने के कारण लोगों को बीड़ के रास्ते से बैजनाथ पहुंचना पड़ता है।
इस पर विधायक किशोरी लाल ने संबंधित विभाग को पत्राचार के माध्यम से समस्या से अवगत करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित विभाग के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
विधायक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि धरेड़ एवं सेहल गांव में पेयजल की समस्या को आगामी एक माह के भीतर दूर कर लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत धरेड़ के वार्ड नंबर चार में श्मशानघाट की मरम्मत एवं गेट निर्माण के लिए 2 लाख रुपये देने की घोषणा की।
विधायक ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा अब तक ग्राम पंचायत धरेड़ में 33 लाख रुपये तथा ग्राम पंचायत सेहल में 25 लाख रुपये के विभिन्न विकासात्मक कार्य करवाए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार आम जनता की समस्याओं के समाधान और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ‘जनता का द्वार’ अभियान का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करना है।
