आयुज्ञान योजना के तहत आधुनिक प्रयोगशाला, सिम्युलेटर, वर्चुअल डिसेक्शन टेबल और ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए मांगी वित्तीय मदद
बैजनाथ 14 अक्टूबर 2026 ( वीर खड़का )
राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश के एकमात्र राजकीय आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, पपरोला की ढांचागत सुविधाओं के उन्नयन के लिए केंद्रीय आर्थिक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने आयुज्ञान योजना के अनुसंधान एवं विकास घटक के तहत संस्थान में आधुनिक केंद्रीय प्रयोगशाला स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मुलाकात के दौरान अनुराग शर्मा ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि राजीव गांधी राजकीय आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, पपरोला राष्ट्रीय स्तर पर ए-ग्रेडिंग प्राप्त संस्थान है और देश के संबंधित महाविद्यालयों में दूसरे स्थान पर आता है। इसके बावजूद, राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप संस्थान में ढांचागत, शैक्षणिक और उपचार संबंधी सुविधाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि संस्थान में आयुर्वेद के 14 विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सिम्युलेटर और वर्चुअल डिसेक्शन टेबल जैसे उपकरण उपलब्ध करवाना जरूरी है। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रशिक्षण देने और उनकी शैक्षणिक दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ऑडिटोरियम का निर्माण पूरा न होने से सेमिनार आयोजन में परेशानी
सांसद ने कहा कि पपरोला स्थित यह संस्थान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई सेमिनारों का आयोजन करता है, जिनमें देश-विदेश के प्रतिष्ठित आयुर्वेदाचार्य व्याख्यान देने पहुंचते हैं। हालांकि, लंबे समय से ऑडिटोरियम का निर्माण पूरा नहीं हो पाने के कारण ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य को पूरा करवाने के लिए भी आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।
इसके अतिरिक्त, संस्थान में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों द्वारा तैयार की जा रही दवाओं से संबंधित शोध प्रबंधों के प्रीक्लीनिकल सत्यापन के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त पशुगृह की आवश्यकता भी उठाई गई। वर्तमान में इस प्रकार के परीक्षणों के लिए विद्यार्थियों को सीएसआईआर संस्थान, पालमपुर अथवा अन्य राज्यों के संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में पपरोला में ही आवश्यक शोध सुविधाएं उपलब्ध होने से अनुसंधान कार्य को गति मिल सकती है।
अनुराग शर्मा ने केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री से आग्रह किया कि आयुज्ञान योजना के तहत संस्थान की इन आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय सहायता से ढांचागत सुविधाओं का उन्नयन करवाया जाए, ताकि विद्यार्थियों, शोधार्थियों और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बॉक्स: प्रदेश में आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर शिक्षा का प्रमुख केंद्र है पपरोला कॉलेज
राजीव गांधी राजकीय आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, पपरोला हिमाचल प्रदेश का एकमात्र ऐसा राजकीय संस्थान है, जहां बीएएमएस के साथ आयुर्वेद के 14 विषयों में स्नातकोत्तर शिक्षा प्रदान की जाती है। लंबे समय से संस्थान के विकास और ढांचागत सुविधाओं के उन्नयन की मांग उठती रही है। आधुनिक शैक्षणिक उपकरणों, शोध सुविधाओं और अन्य आधारभूत संसाधनों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री से मुलाकात कर आयुज्ञान योजना के तहत वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उपलब्ध करवाई गई जानकारी के अनुसार, केंद्रीय राज्य मंत्री ने इस मांग पर सैद्धांतिक सहमति जताई है।
