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July 22, 2026
Dharamshala

हिमाचल विधानसभा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन नियम-67 पर जारी चर्चा, आज भी हंगामे के आसार

धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र जारी है. बुधवार को विपक्ष ने कथित तौर पर भ्रष्टाचार के मामले को लेकर नियम- 67 के तहत चर्चा मांगी. सदन में स्थगन प्रस्ताव (काम रोको प्रस्ताव) के तहत चर्चा चल रही है. गुरुवार को भी नियम- 67 के तहत ही यह चर्चा जारी है.

हालांकि, इससे पहले प्रश्न काल और अन्य विधायी कार्य लिस्ट किए गए हैं. बुधवार को भी भोजन अवकाश के बाद काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा छोड़ महत्वपूर्ण बिलों को पारित किया गया. इसका विपक्ष ने विरोध भी किया था.

सदन में आज भी हंगामे के आसार

गुरुवार को भी हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नियम- 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा होनी है. इससे पहले विधानसभा सचिवालय ने कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को भी लिस्ट किया हुआ है. इनमें कई विधेयक और समिति की रिपोर्ट सदन में पेश करना शामिल है. नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बुधवार को भी अपना विरोध दर्ज करवाया था.

इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सदन में अध्यक्ष के पास कई शक्तियां हैं. इन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने बिल पेश करने की मंजूरी दी. गुरुवार को भी स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा छोड़ अन्य विधायी कार्यों के होने पर विपक्ष अपना विरोध दर्ज करवाने वाला है. संभवत: इसी मसले पर विपक्ष हंगामा भी कर सकता है.

गुरुवार की कार्यसूची में क्या है शामिल?

गुरुवार को कार्यसूची (List of Business) के मुताबिक, प्रश्न काल के बाद विधानसभा सचिव उन विधेयकों की प्रति सभा पटल पर रखेंगे, जिन्हें राज्यपाल से मंजूरी मिल चुकी है. इनमें हिमाचल प्रदेश विद्युत शुल्क (संशोधन) विधेयक 2024, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2024, हिमाचल प्रदेश नगर और ग्राम नियोजन (संशोधन) विधेयक 2024 और हिमाचल प्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक 2024 शामिल है. इसके अलावा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, नगर और ग्राम योजना मंत्री राजेश धर्माणी भी अपने विभाग से संबंधित कागजात सभा पटल पर रखेंगे. गुरुवार को कार्यवाही के दौरान सदन की समितियां के प्रतिवेदन भी सभा पटल पर रखे जाएंगे. कार्यवाही के दौरान कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा के बाद पारण भी होना है. इन विधायी कार्यों के बाद नियम- 67 पर चर्चा होगी.

क्या है नियम- 67?

नियम- 67 स्थगन प्रस्ताव या काम रोको प्रस्ताव होता है. सदन में सदस्य इस प्रस्ताव को तब लेकर आते हैं, जब बेहद महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होनी हो. इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष या विधानसभा सचिन को नियमों की परिधि में रहकर वक्त पर नोटिस देना जरूरी होता है. यह विधानसभा अध्यक्ष की शक्तियों के अधीन आता है कि वह सदस्यों के इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं या नहीं. स्थगन प्रस्ताव स्वीकार होने पर अन्य विधायी कार्यों को छोड़ केवल इस विषय पर चर्चा होती है.

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