राज्य में बिजली बोर्ड द्वारा चलाई जा रही ई-केवाईसी का अभियान अभी लगभग 73 फीसदी तक पूरा हो सका है। बिजली बोर्ड सोमवार से नए सिरे से अभियान की शुरुआत करेगा, क्योंकि सरकार ने उसे 15 फरवरी तक का टारगेट दिया है। अभी तक मुबारकपुर सब-डिवीजन ऐसा है, जहां बिजली बोर्ड ने 100 फीसदी ई-केवाईसी का काम पूरा कर दिया है, जबकि भरवाईं में यह काम 99 फीसदी तक हो चुका है। जिन घरों में ई-केवाईसी करवाने के लिए लोग नहीं मिल पाए, वहां पर दोबारा से कर्मचारी दस्तक देंगे। बिजली बोर्ड के सब-स्टेशनों और अलग से भी इसके लिए सेंटर स्थापित किए जाएंगे। 31 जनवरी को बिजली बोर्ड प्रबंधन ने अपने कर्मचारियों से रिपोर्ट मांगी है और सभी चीफ इंजीनियर 31 जनवरी को वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे।
इसके बाद अगले 15 दिन का अभियान यहां पर चलेगा। सरकार से निर्देश मिलने के बाद बिजली बोर्ड ने अपने चीफ इंजीनियरों से बात की है और उनको अभियान में तेजी लाने को कहा है। नैहरियां सब-डिवीजन में यह काम 99.43 फीसदी तक हो चुका है वहीं निरमंड में 88.98 फीसदी तक पहुंचा है। भुमति सब-डिवीजन में भी 94.96 फीसदी, छोटा शिमला सब-डिवीजन में 44 फीसदी, नालागढ़ सब-डिवीजन में 50 फीसदी, पांवटा में 43 फीसदी, परवाणू सब-डिवीजन में 48 फीसदी लोगों की ईकेवाईसी हो पाई है। कुल 23 लाख 55 हजार 966 बिजली मीटरों को काउंट किया जाना है, जिसमें से 17 लाख 13 हजार 378 मीटरों की गणना ईकेवाईसी के लिए कर दी गई है।

20 फीसदी लोग ही बचें
एक तरफ बिजली बोर्ड स्वेच्छा से सबसिडी छोडऩे वालों के परफॉर्मा भरवाएगी, तो दूसरी ओर ईकेवाईसी का दौर भी जारी रहेगा। सरकार ने तय कर दिया है कि यदि 15 फरवरी तक कोई अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाता है तो उसकी सबसिडी खुद भी खुद बंद हो जाएगी। बिजली बोर्ड को अब लगभग 20 फीसदी लोगों को ई-केवाईसी करनी है।
कहां, कितना काम पूरा
प्रदेश के कुछ सब-डिवीजनों के आंकड़ों पर गौर करें तो भावानगर में 42 फीसदी तक काम हुआ है, जबकि पीओ में 65, टापरी में 63, शाहपुर में 83, सरकाघाट में 76, मशोबरा में 75, जुन्गा में 77, सोलन में 52, सुबाथू में 74, नेरचौक में 76, सुंदरनगर में 64, जलोग में 71, सुन्नी में 63, बंजार में 67, लारजी में 92, सैंज में 65, बंगाणा में 69, मैहतपुर में 58, संतोषगढ़ में 72, ऊना में 84, काजा में 81, केलांग में 99, भुंतर में 55, उदयपुर में 100, कुल्लू में 60, मनाली में 63, नगरोटा बगवां में 71, नाहन में 62 फीसदी तक ई-केवाईसी का काम निपटा है।
