धर्मशाला। धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा व उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भरी चिट्ठी मिली है। विधायक को आई यह चिट्ठी जब खोली गई तो उसमें विधायक व परिवार को जान से मारने की धमकी लिखी थी। यह चिट्टी जिला ऊना से पोस्ट हुई बताई जा रही है।
ऐसे में विधायक के निजी सचिव शुभम सूद ने धमकी भरी इस चिट्ठी की शिकायत धर्मशाला पुलिस थाने में दी है। पुलिस थाना इस शिकायत को रोज नामचे में दर्ज कर लिया है। वहीं इसकी शिकायत गृह मंत्रालय को भी भेजी गई है। जिसमें मांग की गई है कि चिट्ठी भेजने वाले का पता लगाकर कार्रवाई की जाए।
राज्यसभा चुनाव में की थी क्रॉस वोटिंग
पिछले साल सुधीर शर्मा ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली थी। दरअसल, साल 2024 में राज्यसभा की एक सीट पर चुनाव हुआ था। इस चुनाव में कांग्रेस के छह विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में वोट किया था।
इस लिस्ट में तत्कालीन जानपुर से विधायक रजिंदर राणा, धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा, बड़सर से विधायक इंद्रदूत लखनपाल, लाहौल और स्पिति से विधायक रवि ठाकुर, गगरेट से विधायक चैतन्य शर्मा और कुटलेहड़ से विधायक दविंदर भुट्टो शामिल थे।
कांग्रेस छोड़ ज्वाइन की बीजेपी
इस घटनाक्रम के बाद हिमाचल प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कांग्रेस के इन छह विधायकों को दल-बदल कानून के अंतर्गत अयोग्य घोषित कर दिया।
उस समय कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वह आया राम गया राम राजनीति को बढ़ावा नहीं देना चाहते हैं। इसके कुछ समय बाद सभी 6 कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली थी।
इनमें सुधीर शर्मा भी शामिल थे। सुधीर मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू के बड़े विरोधी है। आए दिन वह सीएम सुक्खू व कांग्रेस पर निशाना साधते रहे।
लोकसभा चुनाव के दौरान भी हिमाचल में सुधीर शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उस दौरान वह कहा करते थे कि कांग्रेस के पास न तो कोई नेता है और न ही जनता के बीच जाने का विजन है। प्रदेश की लाखों महिलाएं 1500 रुपए न मिल पाने से कांग्रेस से खफा हैं। इस योजना के दूसरी बार फार्म भरवाकर महिलाओं को छला गया है।
