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August 15, 2026
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Mahakumbh 2025: कब होगा अंतिम शाही स्नान, क्या आपको भी है पता, अगर नहीं, तो जानिए

माघी पूर्णिमा स्नान के बाद खत्म हुआ कल्पवास, घरों की ओर लौटे श्रद्धालु, महाकुंभ क्षेत्र से हुए विदा, यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई 190 ट्रेनें, महाशिवरात्रि के दिन होगा अंतिम शाही स्नान, हेलिकॉप्टर से बरसाए गए 25 क्विंटल फूल

महाकुंभ 2025 को लेकर श्रद्धालुओं भारी भीड़ प्रयागराज में उमड़ रही है। वहीं, माघी पूर्णिमा स्नान के बाद एक माह से चले आ रहे कल्पवास का समापन हो गया है। अब सवाल ये भी आता है की क्या कल्पवास के समापन के साथ आज महाकुम्भ का भी अंतिम दिन था। इसका जवाब भी हम आपको देंगे लेकिन उससे पहले ये जान लीजिये कि आखिर कल्पवास क्या होता है। तो चलिए आपको बताते है। माघ मेला बसाने वाले प्रयागवाल सभा के महामंत्री एवं तीर्थ पुरोहित राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि पुराणों और धर्म शास्त्रों में कल्पवास को आत्मा शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए जरूरी बताया गया है। यह मनुष्य के लिए अध्यात्म की राह का एक पड़ाव है, जिसके जरिए स्वनियंत्रण एवं आत्मशुद्धि का प्रयास किया जाता है।

हर वर्ष श्रद्धालु एक महीने तक संगम के विस्तीर्ण रेती पर तंबुओं की आध्यात्मिक नगरी में रहकर अल्पाहार, तीन समय गंगा स्नान, ध्यान एवं दान, भागवत कथा का श्रवण करके कल्पवास करते है। उन्होंने बताया कि संगम में कल्पवास शुरू करने से पहले कल्पवासी शिविर के मुहाने पर तुलसी और शालिग्राम की स्थापना कर पूजा करते हैं। कल्पवासी परिवार की समृद्धि के लिए अपने शिविर के बाहर जौ का बीज रोपित करता है। कल्पवास समाप्त होने पर तुलसी को गंगा में प्रवाहित कर देते हैं और शेष को अपने साथ ले जाते हैं। महाकुंभ में कल्पवास कर रहे तकरीबन 10 लाख संत महात्मा और श्रद्धालु माघी पूर्णिमा के स्नान के बाद धीरे-धीरे कर अपने-अपने आश्रमों और घरों को वापस लौटने लगे है ।

कुछ लोग पूर्णिमा के स्नान के बाद ही महाकुंभ क्षेत्र से विदा हुए, जबकि ज्यादातर लोग 14 फरवरी को त्रिजटा का स्नान करने के बाद लौटेंगे। बड़ी संख्या में एक माह का कल्पवास करने वाले श्रद्धालु अपने घरों की तरफ रवाना हुए। इसको लेकर रेलवे की ओर से बड़ी तैयारी की गई। श्रद्धालुओं को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए रेलवे की ओर से ऑन डिमांड ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया। 350 ट्रेनें ऑन डिमांड चलाई गई ताकि लोग बिना किसी परेशानी के अपने घर पहुंच सके।

अब बात करें अगर महाकुम्भ के समापन की तो प्रयागराज में महाकुंभ मेला महाशिवरात्रि के दिन संपन्न होगा। इस वर्ष महाशिवरात्रि 26 फरवरी को है और इसी दिन महाकुंभ का अंतिम शाही या अमृत स्नान भी आयोजित किया जाएगा।

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