आज देशभर में 76 वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. वहीं फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत 13 मांगों को लेकर किसान आज हरियाणा-पंजाब समेत देशभर में ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे. यह मार्च संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक), किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा (राजनीतिक) की ओर से निकाला जाएगा. बता दें कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर 26 जनवरी को संयुक्त ट्रैक्टर मार्च निकालने का ऐलान पहले ही किया जा चुका है.
पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोपः
आज ट्रैक्टर मार्च शुरू होने से पहले किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने सोशल मीडिया फेसबुक पर पोस्ट शेयर किया. इस दौरान उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि आज देश का संविधान दिवस मनाया जा रहा है, लेकिन ऐसा लगता है कि किसानों के लिए संविधान अलग है और व्यापारियों, अंबानी और अडानी के लिए अलग है. किसान नेता ने केंद्र सरकार पर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया.
भाजपा नेताओं के घरों के बाहर प्रदर्शनः
किसानों ने दावा किया है कि पंजाब में 200 जगहों पर किसान, ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर उतरकर अपना विरोध जताएंगे. ट्रैक्टर मार्च के अलावा किसान भाजपा नेताओं के घरों और कोठियों के सामने ट्रैक्टर मार्च भी निकालेंगे. किसानों का कहना है कि इससे किसान अपना विरोध जताएंगे और लोगों को जागरूक भी करेंगे कि कैसे भाजपा अंबानी और अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए किसान विरोधी हथकंडे अपना रही है.
दल्लेवाल का समर्थनः
किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल का आमरण अनशन 62वें दिन में प्रवेश कर गया है. जिनके समर्थन में आज किसान नेता देशभर में ट्रैक्टर मार्च निकाल रहे हैं. किसानों ने कहा कि एसकेएम (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा को पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर संघर्ष करते हुए एक साल पूरा होने वाला है. उनका कहना है कि जब तक केंद्र सरकार किसानों की मांगें नहीं मान लेती, तब तक किसानों और मजदूरों का संघर्ष जारी रहेगा.
कब से कर रहे हैं आंदोलनः गौरतलब है कि पंजाब के किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले 13 फरवरी 2024 को किसान आंदोलन-2 की शुरुआत की थी. लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से पहले केंद्र सरकार के मंत्रियों ने चंडीगढ़ पहुंचकर किसानों के साथ तीन बैठकें की थीं. बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी मौजूद थे, लेकिन इन बैठकों में कोई समाधान नहीं निकला. इसके बाद किसानों ने दिल्ली की ओर कूच करने का फैसला किया, लेकिन हरियाणा पुलिस ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बैरिकेड्स लगाकर किसानों को रोक लिया.
