देश के कई राज्यों में आज सुबह भूकंप के झटकों से धरती कांप उठी. राजधानी दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, हरियाणा और सिक्किम में भूकंप महसूस किया गया. हालांकि, किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन डर के कारण लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए. सबसे तेज झटके सिक्किम में दर्ज किए गए, जहां रिक्टर स्केल पर तीव्रता दिल्ली से अधिक थी.
शनिवार सुबह 17 फरवरी को भूकंप के झटकों ने लोगों को घबराने पर मजबूर कर दिया. सबसे पहला झटका दिल्ली में महसूस हुआ, जिसके बाद उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार और ओडिशा में भी कंपन दर्ज किया गया. नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी इसका असर देखने को मिला. डर के मारे लोग ऊंची इमारतों और घरों से बाहर निकल आए.
कब-कहां आया भूकंप?
सुबह-सुबह जब लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक धरती कांप उठी. दिल्ली-NCR, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी भूकंप का असर महसूस किया गया. वहीं, सिक्किम और ओडिशा में आए झटकों ने वहां के लोगों को भी सकते में डाल दिया.
दिल्ली में सुबह 5:36 बजे हिली धरती
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पहला झटका सुबह 5:36 बजे दर्ज किया गया. भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर अंदर स्थित था. भूकंप विशेषज्ञों के मुताबिक, यह हल्का झटका था, लेकिन अगर इसकी तीव्रता अधिक होती, तो स्थिति भयावह हो सकती थी. अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में आए भूकंप का केंद्र धौला कुआं के पास स्थित दुर्गाबाई देशमुख कॉलेज ऑफ स्पेशल एजुकेशन के पास था. इस झटके का असर उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी देखा गया.
बिहार में 8:02 बजे आया झटका
दिल्ली के बाद बिहार के सिवान जिले में सुबह 8:02 बजे भूकंप आया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.0 दर्ज की गई. भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे स्थित था. झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए. हालांकि, किसी भी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं है.
ओडिशा और सिक्किम में भी कंपन
बिहार के बाद ओडिशा में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए. यहां भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था. सिक्किम में महसूस किए गए झटके दिल्ली से ज्यादा तीव्र थे. भूकंप का केंद्र ताडोंग से लगभग 154 किलोमीटर दूर था.
