July 21, 2026
Baijnath

Bada Bhangal: मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अमल शुरू, बड़ा भंगाल में विकास कार्यों ने पकड़ी रफ्तार

जनजातीय दर्जे की सिफारिश सरकार को भेजी, जियो नेटवर्क, सड़क, स्कूल और बिजली परियोजनाओं पर शुरू हुई कार्रवाई

बैजनाथ, 21 जुलाई (वीर खड़का)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के जिला कांगड़ा की अत्यंत दुर्गम बड़ा भंगाल घाटी दौरे के दौरान की गई घोषणाओं पर अब अमल शुरू हो गया है। यह जानकारी विधायक किशोरी लाल ने देते हुए बताया कि प्रशासन ने विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं के क्रियान्वयन का प्रारंभिक खाका तैयार कर लिया है।

उन्होंने बताया कि एसडीएम संकल्प गौतम, तहसीलदार रमन ठाकुर तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने घोषणाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बड़ा भंगाल के लोगों की लंबे समय से चली आ रही जनजातीय दर्जा दिए जाने की मांग को आगे बढ़ाते हुए प्रशासन ने अपनी सिफारिश सरकार को भेज दी है। सरकार इस प्रस्ताव को नॉर्थ जोन काउंसिल की बैठक में रखेगी।

विधायक ने बताया कि घाटी में वर्षों से दूरसंचार सुविधाओं का अभाव रहा है। अब केंद्र सरकार की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) योजना के तहत बड़ा भंगाल में जियो मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों को संचार सुविधा मिलने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं में भी बड़ी राहत मिलेगी।

ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से बड़ाग्रां से होली की ओर लगभग एक किलोमीटर सड़क का निर्माण पंचायत स्तर पर कराया जाएगा। इस कार्य पर 15वें वित्त आयोग की धनराशि खर्च की जाएगी। निर्माण कार्य में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा तथा श्रमिकों को प्रतिदिन ₹800 की मजदूरी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त होली से घाटी तक पहुंचने वाले संकरे एवं जोखिमपूर्ण रास्तों की भी पंचायत स्तर पर मरम्मत और सुधार किया जाएगा।

पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए घाटी के संकीर्ण मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण भी प्रस्तावित है, जिससे पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी और स्थानीय लोगों की आय के नए अवसर सृजित होंगे।

विधायक किशोरी लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप बाढ़ में क्षतिग्रस्त सरकारी संस्थानों के पुनर्निर्माण की दिशा में भी कार्रवाई शुरू हो गई है। इसके लिए 15 कनाल भूमि का चयन किया गया है, जहां पंचायत घर, राशन डिपो, पटवारखाना और सरकारी विद्यालय का निर्माण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बीड़ स्थित बड़ा भंगाल स्कूल को आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडर्न स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सुविधा उपलब्ध करवाने का भी प्रयास किया जाएगा।

विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने के लिए विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार द्वारा तैयार किए गए प्रारंभिक एस्टीमेट के अनुसार 62-62 किलोवाट क्षमता के दो जनरेटर स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि जनरेटरों के परिवहन पर होने वाला व्यय अलग से वहन किया जाएगा।

कृषि क्षेत्र में बड़ा भंगाल की प्रसिद्ध राजमा फसल को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास तेज किए गए हैं। हाल ही में उपनिदेशक कृषि डॉ. अशोक कुमार तथा विषय विशेषज्ञ डॉ. रेनू शर्मा ने किसानों के साथ बैठक कर प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया। विधायक ने कहा कि यदि किसान प्राकृतिक खेती की परंपरा को बनाए रखते हैं तो बड़ा भंगाल राजमा की जीआई टैगिंग की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। वर्तमान में घाटी में लगभग 80 क्विंटल राजमा का उत्पादन होता है, जिसे बढ़ाने के लिए किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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