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May 17, 2026
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Baijnath News:बीड़ से लापता पैराग्लाइडर की त्रियूंड में मौत: जीपीएस लोकेशन से घटनास्थल पर पहुंची टीम, बीड़ में अंतिम संस्कार

बैजनाथ। हिमाचल प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग से उड़ान भरने वाली कनाडा की 27 वर्षीय महिला पैराग्लाइडर मेगन एलिजाबेथ रॉबर्ट्स की धर्मशाला के ऊपरी क्षेत्र त्रियूंड की दुर्गम पहाड़ियों में दर्दनाक मौत हो गई। जीपीएस सिस्टम के जरिए उनकी लोकेशन ट्रेस करने के बाद रेस्क्यू टीम ने सोमवार को शव बरामद किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। मेगन के बॉयफ्रेंड के आग्रह पर उनका अंतिम संस्कार ही बीड़ में किया गया, जो इस दुखद घटना को और भी मार्मिक बना देता है।

बैजनाथ। हिमाचल प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग से उड़ान भरने वाली कनाडा की 27 वर्षीय महिला पैराग्लाइडर मेगन एलिजाबेथ रॉबर्ट्स की धर्मशाला के ऊपरी क्षेत्र त्रियूंड की दुर्गम पहाड़ियों में दर्दनाक मौत हो गई। जीपीएस सिस्टम के जरिए उनकी लोकेशन ट्रेस करने के बाद रेस्क्यू टीम ने सोमवार को शव बरामद किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। मेगन के बॉयफ्रेंड के आग्रह पर उनका अंतिम संस्कार ही बीड़ में किया गया, जो इस दुखद घटना को और भी मार्मिक बना देता है।

कनाडा की मेगन एलिजाबेथ ने भरी थी साहसिक उड़ान

शनिवार सुबह 9:45 बजे बीड़-बिलिंग से सोलो फ्लाइट पर उड़ीं मेगन को चोगन लैंडिंग साइट पर पहुंचना था, लेकिन रास्ता भटकने के कारण वे धौलाधार की ऊंची चोटियों पर क्रैश लैंड कर गईं। लगभग 4,000 मीटर (13,000 फुट) की ऊंचाई पर हिमानी चामुंडा मंदिर के पास तलन जोत क्षेत्र में फंस गईं। जीपीएस और सैटेलाइट फोन के सिग्नल से उनकी पोजिशन का पता चला, जिसके बाद रविवार को निजी हेलिकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। कड़ी मेहनत के बावजूद खराब मौसम और दुर्गम इलाके के कारण रेस्क्यू में देरी हुई। सोमवार को बीड़ पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन (बीपीए) की टीम ने करीब 1,000 मीटर की कठिन चढ़ाई के बाद शव तक पहुंचे। पोस्टमॉर्टम में सिर पर गंभीर चोटें पाई गईं, जो रिजर्व ग्लाइडर के इस्तेमाल के बावजूद रॉकी क्लिफ से टकराने से लगीं।

शव को हेलिकॉप्टर से कांगड़ा एयरपोर्ट लाया गया, जहां टांडा मेडिकल कॉलेज में ऑटोप्सी हुई। मेगन के बॉयफ्रेंड ने बीपीए से अनुरोध किया कि उनका अंतिम संस्कार बीड़ में ही हो, ताकि उनकी यादें इसी जगह जुड़ी रहें। बीपीए के प्रतिनिधि और रेस्क्यू टीम सदस्य सुरेश ठाकुर तथा साडा सुपरवाइजर रणविजय ने बताया कि दोपहर बाद बीड़ में ही संस्कार संपन्न कराया गया। यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे पैराग्लाइडिंग समुदाय के लिए गहन शोक का विषय है।

एक ही दिन दो हादसे, एक सुरक्षित रेस्क्यू

सोमवार को ही बीड़ से उड़ान भरने वाले एक अन्य विदेशी पैराग्लाइडर, ऑस्ट्रियाई नागरिक जैकब (47 वर्ष), को छोटा भंगाल घाटी में डैहनसर झील के पास 14,000 फुट की ऊंचाई पर फंसने से सुरक्षित निकाल लिया गया। बीपीए और स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से उन्हें चोगन में सुरक्षित उतारा गया। कांगड़ा एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि दोनों ऑपरेशन में हेलिकॉप्टर और पर्वतारोहियों की अहम भूमिका रही।

पिछले पांच वर्षों में कांगड़ा और मंडी जिले में 26 पैराग्लाइडिंग हादसे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें 12 मौतें हुई हैं, जिनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। जिला प्रशासन ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, ताकि सुरक्षा मानकों पर पुनर्विचार हो सके। पर्यटकों से अपील है कि मौसम और अनुभव का पूरा ध्यान रखें।

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