September 16, 2026
Baijnath

पीठ पर लादकर अस्पताल ले जाने को मजबूर बड़ा भंगाल के वाशिंदे , यहाँ सिर्फ़ पोलिंग पार्टियों के लिए हेलीकॉप्टर , बड़ा भंगाल की मुसीबत।

21 अगस्त 2024 (साभार पंजाब केसरी )

भंगाल के युवाओं द्वारा बिमार बुजुर्ग जगदीश चंद को पीठ पर लाद कर 25 किलोमीटर पैदल लाए जाने की घटना ने प्रशासनिक और राजनैतिक व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। हर साल इस तरह के मामले देखने को मिलते हैं जब मरीज का ग्रामीणों द्वारा अपने स्तर पर रेस्क्यू किया जाता है। इस वर्ष अभी तक छह लोगों को ग्रामीणों ने ही अस्पताल पहुंचाया है। हालांकि कपूरी देवी का जनवरी महीने में प्रदेश सरकार द्वारा हेलीकॉप्टर से बर्फबारी के दौरान रेस्क्यू किया था। जून माह में कांता देवी (65वर्ष)और अमरो देवी(62 वर्ष) को बीमारी की हालत में बड़ा बंगाल से पालकी में ही युवाओं द्वारा चंबा तक पहुंचाया गयाथा। राम चंद(37वर्ष) के सिर पर चोट लगने की वजह से घायल हो गए थे। उन्हें भी इसी तरीके से जुलाई महीने में रेस्क्यू किया गया था। अगस्त माह में स्थानीय निवासी बिहारी लाल (37वर्ष)अपनी भेड़ बकरियों के कालीहनी की पहाड़ियों पर गया था। पैर फिसलने से घायल होने की सूरत में वह अचेत हो गया था। ग्रामीण युवाओं ने उन्हें भी इसी तरह से चंबा अस्पताल पहुंचाया था। छटांको देवी(65वर्ष) को भी ग्रामीणों ने इसी वर्ष शुरुआत में बमुश्किल सड़क तक पहुंचा था। पंचायत प्रधान मंसाराम भंगालिया ने कहा कि सरकार को ऐसी स्थिति में तुरंत हेलीकॉप्टर उपलब्ध करवाना चाहिए। आखिर हम भी इसी देश और प्रदेश के नागरिक हैं। पूर्व प्रधान परस राम का कहना है कि हर साल इस तरह की घटनाएं होती हैं। चुनावों के दौरान पोलिंग पार्टियों की लाने और ले जाने के लिए तो बाकायदा चुनाव आयोग, केंद्र और प्रदेश द्वारा हेलीकॉप्टर की व्यवस्था को सुनिश्चित की जाती है लेकिन जब ग्रामीणों पर इस प्रकार की समस्या पेश आती है तो न तो कोई नेता नजर आता है और न ही प्रशासनिक अधिकारी संवेदनशीलता दिखाते हैं।20kgr1bawa पूर्व प्रधान चुनी लाल का कहना है कि बड़ा भंगाल में 90 के दशक में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समय में आयुर्वैदिक डिस्पेंसरी खोली गई थी। लेकिन आज दिन तक न तो वहां कोई चिकित्सक तैनात हो पाया है और न ही फार्मासिस्ट की तैनाती हो पाई है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत दी जाने वाली कोई भी स्वास्थ्य संबंधित सुविधा इस गांव में प्रदान नहीं की जाती है। लोग अपने स्तर पर जड़ी बूटियां से इलाज करते हैं।20kgr2bawa 64 वर्षीय शारदा देवी का कहना है कि वे 50 साल से इस तरह के मामले देखती आई हैं। एक तरफ हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं तो दूसरी तरफ इस तरह के मुश्किल हालात में हमें अकेला छोड़ दिया जाता है। कई सरकारी आई और गई मगर बड़ा भंगाल उसी पुराने डर्रे पर खड़ा है जहां 50 साल पहले था। न जाने और कितनी पीढ़ियों को इस तरह के हालात से गुजरना पड़ेगा।20kgr3bawa इस बारे प्रदेश सरकार में मुख्य संसदीय सचिव का कार्यभार संभाले किशोरी लाल का कहना है कि मामला बहुत गंभीर है। वह इस बारे में मुख्यमंत्री से बात करेंगे और जरूरत पड़ी तो विधानसभा में भी मामला जोर-शोर से उठाएंगे। क्योंकि यह इलाका बैजनाथ विधानसभा में आता है इसलिए मैं ग्रामीणों की समस्या से बखूबी वाकिफ हूं। बीमारी या विकट हालात में हेली टैक्सी सुविधा उपलब्ध करवाए जाने की भी में जोरदार पैरवी करूंगा।

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