साभार जितेन्द्र कौशल (अनंत ज्ञान) बैजनाथ
जो घाटी भारी बर्फबारी के कारण महीनो शेष विश्व से कटी रहती है इस दुर्गम घाटी के लोहारड़ी गांव में पिछले दो वर्षों से स्वास्थ्य सेवाएं दे रही डॉक्टर मोनिका ने नरसेवा नारायण सेवा की नई मिसाल पेश कर दी है। अपने काम के प्रति उनके इस लगन की नेशनल काउंसिल आफ इंडियन मेडिकल सर्विसेज ने भी सरहना की है । डॉक्टर मोनिका की स्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी सेवाएं देने के लिए वर्तमान में राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में दो वर्षों से बतौर आयुर्वेद चिकित्सक सेवाएं देने वाली युवा चिकित्सक की उपलब्धियां को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आधिकारिक पेज पर ट्वीट भी करेंगे। यह जानकारी देते हुए उप मंडलीय आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ विक्रम राणा ने बताया कि मूलरूप से नूरपुर क्षेत्र के सेवानिवृत्त जलसेना अधिकारी रणजीत सिंह और पूर्व बीडीसी सदस्य स्वर्गीय सुरेश कुमारी की बेटी उनकी प्रारंभिक पढ़ाई आर्मी स्कूल मामून कैंट पठानकोट में हुई उसके उपरांत राजकीय राजीव गांधी आयुर्वैदिक कॉलेज पपरोला से 2012 में बीएएमएस की डिग्री हासिल की हाल ही में वर्ष 2023 में उन्हें उपमंडल बैजनाथ के लोहारडी में बतौर चिकित्सा तैनाती हुई है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा हाल ही में चलाए गए विशेष अभियान में राष्ट्र भर में प्रकृति परीक्षण के तहत उन्हें 300 का आंकड़ा दिया गया था जिसे उन्होंने सफलतम पूरा करते हुए यह सफलता मिली है। डॉ मोनिका ने कहा कि इस घाटी में ज्यादातर लोग खांसी बुखार और जोड़ों के दर्द से मरीज आते हैं जिनका वह अग्निकर्म, मर्म चिकित्सा, पंचकर्म और कैपथेरेपी के जरिए आयुर्वेदिक विधि से इलाज करती हैं। उल्लेखनीय की इस घाटी में सरकारी नौकरी करने से पुरुष भी दो कदम पीछे ही रहते हैं लेकिन यह चिकित्सक अपनी नन्ही बिटिया के साथ वर्ष 2023 से लगातार मरीजों के उपचार में जुटी हैं।बहरहाल डॉ मोनिका समाज के उस तपके के लिए करार तमाचा है जो जन्म से पूर्व ही कन्या भ्रूण हत्या पर उतारू हो जाते हैं। वर्तमान में उनके कामयाबी का डंका राजधानी दिल्ली में बज रहा है जबकि इसकी गूंज हिमाचल के छोटा बंगाल घाटी के लोहारडी गांव में और उनके पैतृक गांव नूरपुर में सुनाई दे रही है
