मार्च की शुरुआत में ही भीषण साइक्लोन की दस्तक हुई है. ऑस्ट्रेलिया के तीसरे सबसे अधिक आबादी वाले शहर ब्रिसबेन के पास एक तूफान ‘अल्फ्रेड’ दस्तक देने वाला है. साइक्लोन ‘अल्फ्रेड’ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है. लोगों ने चक्रवाती तूफान से निपटने की तैयारी कर ली है. सबसे बड़ी बात कि बीते 51 सालों में ऑस्ट्रेलिया में आने वाला यह पहला चक्रवात है. निचले इलाके में रहने वाले लोगों ने सुरक्षा के लिए रेत की बोरियां जमा कर ली हैं.
155 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है तूफान
ऑस्ट्रेलिया में जिस साइक्लोन का खतरा मंडरा रहा है उसकी रफ्तार 155 किलोमीटर प्रति घंटा है. उम्मीद की जा रही है कि तूफान से खासी तबाही मच सकती है. ब्रिसबेन के लोग तूफान के कारण डरे हुए हैं. जगह-जगह साइक्लोन से बचने की तैयारी की जा रही है. प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा है कि सरकार क्वींसलैंड सरकार को 250,000 सैंडबैग उपलब्ध करा रही है, इसके अलावा सेना की ओर से पहले ही 80,000 सैंडबैग उपलब्ध कराए जा चुके हैं.
प्रशांत महासागर के ऊपर बना हुआ है अल्फ्रेड तूफान
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि चक्रवात अल्फ्रेड फिलहाल प्रशांत महासागर के ऊपर बन रहा है. आज इसके ब्रिस्बेन के पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है. इससे पहले 1974 में उष्णकटिबंधीय चक्रवात ‘जो’ गोल्ड कोस्ट पर आया था. उस समय तूफान से काफी तबाही मची थी. ब्रिसबेन में मीडिया से बात करते हुए पीएम अल्बनीज ने कहा “एक ऐसे क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय चक्रवात का आना जो उष्णकटिबंधीय क्षेत्र के रूप में डिवाइड नहीं है, वहां चक्रवात आना एक दुर्लभ घटना है.”
मंडरा रहा है बाढ़ का खतरा
साइक्लोन के साथ-साथ ब्रिस्बेन में बाढ़ का भी खतरा बना हुआ है. अधिकारियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ब्रिस्बेन में तेज हवाओं के साथ-साथ बाढ़ का भी खतरा है. ब्रिसबेन के लॉर्ड मेयर एड्रियन श्रिनर ने कहा कि पूर्वानुमान है कि 30 लाख से अधिक आबादी वाले उनके शहर में 20,000 मकानों को किसी न किसी स्तर पर बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है. साइक्लोन के खतरे को देखते हुए न्यू साउथ वेल्स के उत्तरी इलाके में 100 से ज्यादा स्कूलों को गुरुवार को छुट्टी दे दी गई है. कई ऑफिस भी बंद रहेंगे.
