हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के एक सरकारी स्कूल ने अब स्टूडेंट्स के साथ-साथ टीचर्स के लिए भी ड्रेस कोड शुरू कर दिया है. अकसर देखा गया है कि जहां छात्रों के लिए स्कूल की यूनिफार्म होती है तो वहीं, शिक्षक तरह-तरह के परिधान पहनकर स्कूल पहुंचते हैं. ऐसे में हमीरपुर जिले के एक सरकारी स्कूल ने निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू किया है. जिसके बाद अब शिक्षक स्कूल में ब्लेजर पहनकर आ रहे हैं. वहीं, शिक्षिकाएं स्कूल में साड़ी पहनकर आ रहीं हैं. जिससे स्कूल का वातावरण बिल्कुल बदला हुआ लग रहा है.
‘छात्रों पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव’
भोरंज उपमंडल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला परोल में प्रिंसिपल विपिन माहिल की अगुवाई में सभी शिक्षकों के लिए ये ड्रेस कोड लागू किया गया है. सरकारी स्कूल परोल के प्रिंसिपल विपिन माहिल ने बताया, “छात्रों के चरित्र निर्माण में शिक्षकों का सबसे खास रोल होता है. जब स्कूल में शिक्षक अनुशासित और प्रोफेशनल नजर आएंगे तो छात्रों पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.”
प्रिंसिपल विपिन माहिल ने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला परोल खेल गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करता आया है. उन्होंने कहा कि इस पहल से स्कूल के माहौल और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा. इससे छात्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, क्योंकि वे अपने शिक्षकों को रोल मॉडल मानते हैं.
सरकार भी ड्रेस कोड लाने की तैयारी में
स्कूल प्रशासन और शिक्षकों का मानना है कि ड्रेस कोड अपनाने से स्कूल में अनुशासन और प्रेरणा का माहौल बना है. आसपास के अन्य सरकारी स्कूलों में भी इस तरह के ड्रेस कोड लगाने की चर्चा हो रही है. नई शिक्षा नीति के तहत सरकार भी स्कूलों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड की योजना ला रही है. प्रदेश सरकार भी आगामी शैक्षणिक सत्र से शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने की योजना बना रही है. जिससे सरकारी स्कूलों में अनुशासन और गुणवत्ता में सुधार किया जा सके.
