Starlink एलन मस्क की कंपनी SpaceX द्वारा विकसित एक सैटेलाइट-आधारित हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा है। यह सेवा पृथ्वी से करीब 550 किलोमीटर ऊपर लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थित हजारों सैटेलाइट्स के नेटवर्क के माध्यम से काम करती है। ये सैटेलाइट्स लेजर लिंक की मदद से एक दूसरे से जुड़ते हैं और हाई स्पीड पर डेटा ट्रांसमिट करते हैं। Starlink सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए एक छोटी डिश लगानी पड़ती है, जिसे स्टारलिंक टर्मिनल कहते हैं। यह डिश आसमान में लगे सैटेलाइट से सिग्नल रिसीव करती है और भेजती है। इस डिश को फिर वाईफाई राउटर से कनेक्ट किया जाता है, जिससे बिना टावर के इंटरनेट सर्विस मिलती है।
भारत में Starlink की सेवा उन दुर्गम इलाकों में लाभकारी होगी जहां आज भी इंटरनेट नहीं पहुंच पाया है। दूरदराज, पहाड़ी इलाकों के स्कूलों और अस्पतालों को इसका लाभ मिलेगा। आज के डिजिटल युग में छात्र इंटरनेट के ज़रिए अपने मोबाइल फोन से पढ़ाई कर सकते हैं। स्टारलिंक की सेवा देश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड की विश्वसनीयता और उपलब्धता को बढ़ाएगी।
Reliance Jio और Bharti Airtel दोनों ने SpaceX के साथ समझौते किए हैं। Jio ने 12 मार्च को इस समझौते की घोषणा की, जबकि Airtel ने एक दिन पहले 11 मार्च को अपनी साझेदारी की घोषणा की। Jio के सीईओ मैथ्यू ओ’मैन ने कहा कि “Jio की सर्वोच्च प्राथमिकता भारत में किफायती हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड उपलब्ध कराना है।” उन्होंने आगे कहा कि “Starlink को भारत में लाने के लिए SpaceX के साथ हमारी साझेदारी इस प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी। यह कदम पूरे देश में निर्बाध ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित होगा।”
Airtel ने भी अपने बयान में कहा कि “Starlink के साथ, Airtel अपनी राष्ट्रव्यापी कनेक्टिविटी क्षमताओं को और बढ़ाएगा।” उन्होंने कहा कि “Bharti Airtel उन क्षेत्रों को जोड़ेगा, जहां तक इंटरनेट की पहुंच नहीं है, खासकर उन क्षेत्रों को जहां आज तक इंटरनेट नहीं पहुंच पाया है। Starlink के साथ, Airtel उद्यमों, व्यवसायों और समुदायों को निर्बाध इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होगा।”
इस प्रकार, Starlink की सेवा भारत में इंटरनेट की पहुंच को और व्यापक बनाने में मददगार साबित होगी, खासकर उन इलाकों में जहां अभी तक इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
