हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू द्वारा पेश किए गए तीसरे बजट को लेकर विपक्षी भाजपा नेत्री रविता भारद्वाज ने तीखी आलोचना की है। उन्होंने इस बजट को महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए पूरी तरह निराशाजनक बताया है। भारद्वाज ने कहा कि सुखू सरकार अपने ढाई साल के कार्यकाल में कोई भी वादा पूरा करने में विफल रही है। चाहे वह महिलाओं को ₹1500 प्रति माह की सहायता हो, 300 यूनिट मुफ्त बिजली हो, या युवाओं को नौकरी देने का वादा हो, सरकार इनमें से किसी भी गारंटी को पूरा नहीं कर पाई है।
भारद्वाज ने आगे कहा कि यह बजट सिर्फ जनता को बेवकूफ बनाने का एक प्रयास है। उन्होंने कर्मचारियों की पेंशन के भुगतान में देरी का भी जिक्र करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि सभी वर्ग इस सरकार से परेशान हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कैसा व्यवस्था परिवर्तन है जो जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है।
इस बजट को लेकर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया और जनता की निराशा को देखते हुए यह मुद्दा राज्य की राजनीति में गर्माहट ला सकता है। आने वाले दिनों में इस पर और बहस होने की संभावना है।

