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April 16, 2026
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1 अप्रैल से बंद होंगे इन मोबाइल नंबर से जुड़े बैंक खाते और UPI आईडी, NPCI का बड़ा फैसला।

नई दिल्ली: अगर आप बैंक खाते या Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। 1 अप्रैल 2023 से बैंक और UPI सर्विस प्रोवाइडर उन खातों और UPI आईडी को बंद करने जा रहे हैं, जिनसे जुड़े मोबाइल नंबर लंबे समय से इनएक्टिव हैं। यह फैसला नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने लिया है, ताकि डिजिटल ट्रांजैक्शन में धोखाधड़ी की संभावना को कम किया जा सके।

NPCI ने क्यों लिया यह फैसला?

NPCI ने बैंकों और UPI ऐप्स को 31 मार्च तक इनएक्टिव मोबाइल नंबरों को सिस्टम से हटाने का निर्देश दिया है। अगर किसी नंबर का 90 दिनों तक कॉलिंग, एसएमएस या डेटा उपयोग नहीं हुआ है, तो उसे इनएक्टिव माना जाता है। टेलीकॉम कंपनियां ऐसे नंबरों को नए यूजर्स को आवंटित कर सकती हैं, जिससे बैंकिंग और डिजिटल ट्रांजैक्शन में धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है।

हर हफ्ते हटाए जाएंगे इनएक्टिव नंबर

NPCI ने यह भी निर्देश दिया है कि बैंक और UPI ऐप्स 1 अप्रैल के बाद हर हफ्ते इनएक्टिव और रीसाइकिल नंबरों की लिस्ट अपडेट करेंगे और उन्हें अपने सिस्टम से हटाएंगे। अगर आपका मोबाइल नंबर बैंक या UPI अकाउंट से जुड़ा है और वह लंबे समय से इनएक्टिव पड़ा है, तो आपका अकाउंट बंद किया जा सकता है।

क्या करें?

  1. मोबाइल नंबर एक्टिव रखें: अगर आपका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लंबे समय से इनएक्टिव है, तो उसे जल्द से जल्द रिचार्ज कर लें और कम से कम एक कॉल या मैसेज भेजें।
  2. बैंक और UPI ऐप्स में अपडेट करें जानकारी: अगर आपने नया मोबाइल नंबर लिया है, तो बैंक और UPI ऐप्स में तुरंत अपडेट करें।
  3. SMS और OTP सेवाएं चालू रखें: बैंक और UPI ऐप्स आपके नंबर पर OTP भेजते हैं, इसलिए SMS सेवा चालू रखें ताकि जरूरी अपडेट्स मिलते रहें।

क्या होगा अगर आपका नंबर हट गया?

अगर 1 अप्रैल के बाद आपका इनएक्टिव नंबर बैंकिंग सिस्टम से हटा दिया जाता है, तो आपके UPI ट्रांजैक्शन फेल हो सकते हैं और आपको नए नंबर के साथ दोबारा रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसलिए, अगर आप डिजिटल पेमेंट का निर्बाध इस्तेमाल जारी रखना चाहते हैं, तो तुरंत अपने मोबाइल नंबर की स्थिति जांच लें और जरूरत पड़ने पर उसे अपडेट करें।

धोखाधड़ी रोकने की कोशिश

NPCI का यह कदम डिजिटल पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इनएक्टिव नंबरों को हटाने से धोखाधड़ी की संभावना कम होगी और यूजर्स का डेटा सुरक्षित रहेगा। हालांकि, यूजर्स को अपने मोबाइल नंबर और बैंकिंग जानकारी को अपडेट रखने की जिम्मेदारी भी लेनी होगी।

अगर आपने अभी तक अपने मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी अपडेट नहीं की है, तो जल्द से जल्द यह कदम उठाएं ताकि आपका डिजिटल पेमेंट अनुभव बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।

1 अप्रैल से बंद होंगे इनएक्टिव मोबाइल नंबर से जुड़े बैंक खाते और UPI आईडी, NPCI का बड़ा फैसला

नई दिल्ली: अगर आप बैंक खाते या Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। 1 अप्रैल 2023 से बैंक और UPI सर्विस प्रोवाइडर उन खातों और UPI आईडी को बंद करने जा रहे हैं, जिनसे जुड़े मोबाइल नंबर लंबे समय से इनएक्टिव हैं। यह फैसला नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने लिया है, ताकि डिजिटल ट्रांजैक्शन में धोखाधड़ी की संभावना को कम किया जा सके।

NPCI ने क्यों लिया यह फैसला?

NPCI ने बैंकों और UPI ऐप्स को 31 मार्च तक इनएक्टिव मोबाइल नंबरों को सिस्टम से हटाने का निर्देश दिया है। अगर किसी नंबर का 90 दिनों तक कॉलिंग, एसएमएस या डेटा उपयोग नहीं हुआ है, तो उसे इनएक्टिव माना जाता है। टेलीकॉम कंपनियां ऐसे नंबरों को नए यूजर्स को आवंटित कर सकती हैं, जिससे बैंकिंग और डिजिटल ट्रांजैक्शन में धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है।

हर हफ्ते हटाए जाएंगे इनएक्टिव नंबर

NPCI ने यह भी निर्देश दिया है कि बैंक और UPI ऐप्स 1 अप्रैल के बाद हर हफ्ते इनएक्टिव और रीसाइकिल नंबरों की लिस्ट अपडेट करेंगे और उन्हें अपने सिस्टम से हटाएंगे। अगर आपका मोबाइल नंबर बैंक या UPI अकाउंट से जुड़ा है और वह लंबे समय से इनएक्टिव पड़ा है, तो आपका अकाउंट बंद किया जा सकता है।

क्या करें?

  1. मोबाइल नंबर एक्टिव रखें: अगर आपका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लंबे समय से इनएक्टिव है, तो उसे जल्द से जल्द रिचार्ज कर लें और कम से कम एक कॉल या मैसेज भेजें।
  2. बैंक और UPI ऐप्स में अपडेट करें जानकारी: अगर आपने नया मोबाइल नंबर लिया है, तो बैंक और UPI ऐप्स में तुरंत अपडेट करें।
  3. SMS और OTP सेवाएं चालू रखें: बैंक और UPI ऐप्स आपके नंबर पर OTP भेजते हैं, इसलिए SMS सेवा चालू रखें ताकि जरूरी अपडेट्स मिलते रहें।

क्या होगा अगर आपका नंबर हट गया?

अगर 1 अप्रैल के बाद आपका इनएक्टिव नंबर बैंकिंग सिस्टम से हटा दिया जाता है, तो आपके UPI ट्रांजैक्शन फेल हो सकते हैं और आपको नए नंबर के साथ दोबारा रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसलिए, अगर आप डिजिटल पेमेंट का निर्बाध इस्तेमाल जारी रखना चाहते हैं, तो तुरंत अपने मोबाइल नंबर की स्थिति जांच लें और जरूरत पड़ने पर उसे अपडेट करें।

धोखाधड़ी रोकने की कोशिश

NPCI का यह कदम डिजिटल पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इनएक्टिव नंबरों को हटाने से धोखाधड़ी की संभावना कम होगी और यूजर्स का डेटा सुरक्षित रहेगा। हालांकि, यूजर्स को अपने मोबाइल नंबर और बैंकिंग जानकारी को अपडेट रखने की जिम्मेदारी भी लेनी होगी।

अगर आपने अभी तक अपने मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी अपडेट नहीं की है, तो जल्द से जल्द यह कदम उठाएं ताकि आपका डिजिटल पेमेंट अनुभव बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।

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