’पहलगाम: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया है। बाइसारन घास के मैदान में निहत्थे पर्यटकों पर अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी कर आतंकियों ने भारत की शांति और अस्मिता को चुनौती दी। सूत्रों के हवाले से इस हमले में 28 लोगों के मारे जाने की खबर है, हालांकि आधिकारिक रूप से केवल एक मौत की पुष्टि हुई है। द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF), लश्कर-ए-तैयबा का एक स्थानीय संगठन, ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
आतंकियों का क्रूर चेहरा, हिंदुओं को बनाया निशाना
कर्नाटक के शिवमोगा निवासी मंजूनाथ राव (47) अपनी पत्नी पल्लवी और बेटे अभिजय के साथ पहलगाम में छुट्टियां मना रहे थे। हमले के दौरान आतंकियों ने मंजूनाथ का नाम पूछा और हिंदू होने की पुष्टि के बाद गोली मार दी। पल्लवी ने बताया, “मेरी आंखों के सामने मेरे पति को मार डाला। मैंने आतंकियों से कहा, मुझे भी मार दो, लेकिन एक आतंकी ने कहा, ‘तुम्हें नहीं मारूंगा, जाओ मोदी को बता देना।’” पल्लवी ने स्थानीय लोगों की मदद से अपनी जान बचाई, जिन्होंने उन्हें और उनके बेटे को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
हमले का खौफनाक मंजर
बाइसारन घास का मैदान, जिसे ‘मिनी स्विटजरलैंड’ कहा जाता है, पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। दोपहर करीब 2:30 बजे चार से छह आतंकियों ने, जिनमें कुछ पाकिस्तानी नागरिक शामिल थे, जंगलों से निकलकर पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू की। हमले से पहले आतंकियों ने क्षेत्र की रेकी की थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकियों ने पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को अलग किया और करीब से गोलीबारी की। एक वीडियो में एक महिला अपने घायल पति को बचाने की गुहार लगाती दिखी, जबकि चारों ओर शव बिखरे पड़े थे।
स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों का त्वरित जवाब
हमले के बाद सेना, सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को हेलिकॉप्टर और घोड़ों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। कम से कम 12 घायल पर्यटकों को पहलगाम अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनमें से कुछ की हालत स्थिर है। सुरक्षा बलों ने आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू किया है।
नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “इस जघन्य कृत्य के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई अटल है।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर पहुंचकर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले को “जानवरों का कृत्य” करार देते हुए कहा कि यह हाल के वर्षों में नागरिकों पर सबसे बड़ा हमला है।
पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का दावा
खुफिया सूत्रों के अनुसार, हमले में शामिल चार से छह आतंकियों में कुछ पाकिस्तानी नागरिक थे, जो हाल ही में क्षेत्र में घुसे थे। यह हमला कश्मीर में पर्यटन के बढ़ते चलन और आगामी अमरनाथ यात्रा से पहले शांति भंग करने की साजिश का हिस्सा माना जा रहा है।
देशभर में हाई अलर्ट
हमले के बाद दिल्ली और जयपुर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। भारत दौरे पर आए अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कर्नाटक सरकार ने मंजूनाथ के शव को वापस लाने के लिए एक पुलिस दल भेजा है।
कश्मीर की शांति पर प्रहार
पहलगाम, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अमरनाथ यात्रा के शुरुआती बिंदु के रूप में जाना जाता है। हाल के वर्षों में पर्यटन में उछाल के बावजूद, यह हमला क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बन गया है। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हमले को कश्मीर की मेहमाननवाजी के खिलाफ बताया और जांच की मांग की।
आगे की राह
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम हमले की जांच के लिए पहलगाम पहुंच रही है। अनंतनाग पुलिस ने पर्यटकों के लिए 24/7 हेल्पलाइन नंबर (9596777669, 01932225870) जारी किए हैं। देशभर से नेताओं और नागरिकों ने हमले की निंदा करते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
यह हमला न केवल कश्मीर की शांति के लिए चुनौती है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की एकजुटता को और मजबूत करने का संदेश देता है।
