घुमारवीं: बिलासपुर जिले के हटवाड़ पंचायत के देहरा गांव के आरव ठाकुर ने नीट यूजी 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 720 में से 619 अंक हासिल कर हिमाचल प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) में 500वां स्थान हासिल कर जिले और मिनर्वा स्टडी सर्कल का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि आरव ने इस वर्ष जेईई मेन्स परीक्षा में भी 99.29 परसेंटाइल के साथ 11063वां रैंक प्राप्त किया था।
इंजीनियरिंग में बनाना चाहते हैं भविष्य
नीट में शानदार सफलता के बावजूद आरव का झुकाव कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की ओर है। उन्होंने बताया कि वह एमबीबीएस के बजाय इंजीनियरिंग में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं और इस दिशा में सोच-विचार कर अंतिम निर्णय लेंगे। आरव की इस उपलब्धि ने उनके परिवार, स्कूल और पूरे बिलासपुर जिले को गौरवान्वित किया है।
मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम
आरव ने अपनी सफलता का श्रेय कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प को दिया है। उन्होंने बताया कि वह स्कूल के दिनों में सात घंटे और छुट्टियों में 14 घंटे पढ़ाई करते थे। सर्दियों में सुबह जल्दी उठकर और रात तीन बजे तक पढ़ाई करने की उनकी रणनीति ने उन्हें यह मुकाम दिलाया। पढ़ाई के दौरान इंटरनेट से दूरी बनाए रखने वाले आरव ब्रेक के समय म्यूजिक सुनकर खुद को तरोताजा रखते थे। उन्होंने कहा, “सफलता के लिए भाग्य नहीं, मेहनत और दृढ़ संकल्प जरूरी है।”
परिवार और स्कूल का योगदान
आरव के पिता जगदीप ठाकुर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुठेड़ा में भौतिकी के प्रवक्ता हैं, जबकि उनकी माता सपना ठाकुर राजकीय उच्च विद्यालय छंदोह में टीजीटी हैं। उनकी बड़ी बहन अमृता ठाकुर मेडिकल कॉलेज टांडा में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। आरव ने नौवीं कक्षा से मिनर्वा स्टडी सर्कल, घुमारवीं से पढ़ाई और कोचिंग ली है, जहां उनकी बहन अमृता ने भी पढ़ाई की थी। मिनर्वा संस्थान ने आरव की इस उपलब्धि पर उन्हें एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
परीक्षा में धैर्य की सलाह
आरव ने बताया कि इस बार नीट का प्रश्नपत्र अलग था, जिसमें धैर्य के साथ उत्तर देना महत्वपूर्ण था। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और जिले भर से बधाइयों का तांता लगा हुआ है। मिनर्वा स्टडी सर्कल के संस्थापक प्रवेश चंदेल, राकेश चंदेल और स्वदेश चंदेल ने भी आरव की इस सफलता पर खुशी जताई है।
प्रदेश में उत्सव का माहौल
आरव की इस ऐतिहासिक सफलता ने बिलासपुर जिले में उत्सव जैसा माहौल बना दिया है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। आरव की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश को गर्व का मौका दिया है।
