चंबा, 25 अगस्त 2025: उत्तर भारत की प्रसिद्ध धार्मिक मणिमहेश यात्रा के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण पंजाब के तीन श्रद्धालुओं की दुखद मृत्यु हो गई। मृतकों में 18 वर्षीय अमन कुमार (पठानकोट), 26 वर्षीय अनमोल (गुरदासपुर, पठानकोट) और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं, जो पठानकोट का ही निवासी बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद चंबा प्रशासन ने यात्रा को स्थगित कर दिया, जिसके चलते हजारों श्रद्धालु मार्ग में फंस गए हैं।
यात्रा मार्ग में फंसे श्रद्धालु, स्थानीय लोगों का सहयोग चंबा-भरमौर मार्ग पर दुर्गेठी और बत्ती की हट्टी के पास सड़क बंद होने से हजारों श्रद्धालु फंस गए हैं। कई श्रद्धालुओं को अपनी गाड़ियों में ही रात बितानी पड़ी। हड़सर से डल झील तक के यात्रा मार्ग पर लगभग 800 श्रद्धालु फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने आबादी वाले क्षेत्रों में श्रद्धालुओं को अपने घरों में शरण दी है। चंबा के विधायक नीरज नैयर ने अपने निवास पर करीब 75 श्रद्धालुओं को ठहराया और उन्हें भोजन उपलब्ध कराया।
ऑक्सीजन की कमी बनी मौत का कारण सोमवार को कमल कुंड मार्ग, कुगती पास और धनछो क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी के कारण तीनों श्रद्धालुओं की जान चली गई। अमन कुमार अपने दोस्तों के साथ यात्रा पर था, लेकिन वह उनसे पीछे रह गया। दोस्तों ने प्रशासन को सूचित किया, जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने कमल कुंड के पास अमन का शव बरामद किया। कुगती पास के पास एक 19 वर्षीय अज्ञात युवक का शव मिला, जिसकी पहचान नहीं हो पाई। वहीं, अनमोल की हालत बिगड़ने पर उसे स्वास्थ्य शिविर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन ऑक्सीजन की कमी के कारण उसकी मृत्यु हो गई।
प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन चंबा प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों शवों को रेस्क्यू कर भरमौर पहुंचाया। प्रशासन और स्थानीय लोग फंसे हुए श्रद्धालुओं को सहायता प्रदान कर रहे हैं। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षित स्थानों पर रहने और निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
यह घटना मणिमहेश यात्रा के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतियों को रेखांकित करती है। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने का आश्वासन दिया है।
