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August 15, 2026
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Nepal: नेपाल सरकार ने फेसबुक, वॉट्सऐप, एक्स सहित 26 सोशल मीडिया साइट्स पर लगाया प्रतिबंध

काठमांडू: नेपाल सरकार ने फेसबुक, वॉट्सऐप, एक्स (पूर्व में ट्विटर), यूट्यूब सहित 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह कदम सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा नेपाल में अनिवार्य पंजीकरण नियमों का पालन न करने के बाद उठाया गया है। नेपाल के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गुरुवार (4 सितंबर, 2025) को नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण (एनटीए) को इन अपंजीकृत प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच को अवरुद्ध करने का आदेश जारी किया।

पंजीकरण न करने पर सख्त कार्रवाई
नेपाल सरकार ने सभी सोशल मीडिया कंपनियों को देश में संचालन के लिए पंजीकरण कराने का अल्टीमेटम दिया था। मंत्रालय ने 28 अगस्त को सात दिन की समय सीमा दी थी, लेकिन फेसबुक, वॉट्सऐप, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स ने इस निर्देश का पालन नहीं किया। मंत्रालय के प्रवक्ता गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि सरकार ने बार-बार नोटिस जारी किए, लेकिन इन कंपनियों ने पंजीकरण में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन
यह निर्णय नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश और ‘सोशल नेटवर्क उपयोग प्रबंधन निर्देश, 2023’ के आधार पर लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू और विदेशी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अनिवार्य रूप से पंजीकृत करने और अवांछित सामग्री की निगरानी करने का निर्देश दिया था। कोर्ट के आदेश में कहा गया था कि बिना अनुमति के प्रसारण करने वाली विदेशी डिजिटल सेवाओं पर रोक लगाई जाए। इसके तहत सरकार ने अपंजीकृत प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।

कौन से प्लेटफॉर्म बैन हुए?
प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म्स की सूची में फेसबुक, मैसेंजर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, वॉट्सऐप, एक्स, लिंक्डइन, स्नैपचैट, रेडिट, डिस्कॉर्ड, पिंटरेस्ट, सिग्नल, थ्रेड्स, वीचैट, क्वोरा, टम्बलर, क्लबहाउस, रंबल, एमआई वीडियो, एमआई वाइके, लाइन, इमो, जालो, सोल और हमरो पैट्रो शामिल हैं। वहीं, टिकटॉक, वाइबर, वीटॉक, निंबज़, पॉपो लाइव और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स, जिन्होंने पंजीकरण कराया है, पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

बैठक में लिया गया फैसला
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में मंत्रालय के अधिकारियों, नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण के प्रतिनिधियों, दूरसंचार ऑपरेटरों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं ने हिस्सा लिया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध पूरे देश में लागू होगा और गुरुवार मध्यरात्रि से प्रभावी हो गया है।

विपक्ष और उपयोगकर्ताओं का विरोध
नेपाल पत्रकार महासंघ (FNJ) ने सरकार के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए सरकार की आलोचना की है। कुछ ने इसे नेपाल की लोकशाही मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए हानिकारक बताया है।

सरकार का तर्क
सरकार का कहना है कि यह कदम डिजिटल संप्रभुता, उपयोगकर्ता डेटा सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और कर वसूली को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। मंत्रालय का दावा है कि पंजीकरण से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को जवाबदेह बनाया जा सकेगा और डिजिटल स्पेस को सुरक्षित और अनुशासित किया जाएगा।

आगे क्या?
मंत्रालय ने कहा है कि जिन प्लेटफॉर्म्स ने पंजीकरण पूरा कर लिया है, उन्हें तुरंत संचालन की अनुमति दी जाएगी। सरकार ने एक नया विधेयक भी संसद में पेश किया है, जिसका उद्देश्य सोशल मीडिया कंपनियों को जवाबदेह बनाना और साइबरबुलिंग, हैकिंग और गलत सूचना जैसे अपराधों पर अंकुश लगाना है। इस विधेयक में पांच साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

यह निर्णय नेपाल में सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव ला सकता है, क्योंकि इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग वहां बड़े पैमाने पर होता है। इस कदम से न केवल उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है।

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