शिमला, 6 सितंबर — हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को जहां दिन में तेज धूप रही, वहीं शाम को शिमला समेत कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा हुई। इस मिश्रित मौसम के चलते अधिकतम तापमान में औसतन 11 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
भुंतर में सर्वाधिक तापमान 11 डिग्री, बिलासपुर में 8.9 डिग्री और रिकांगपिओ में 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने 6 और 7 सितंबर को आंशिक रूप से साफ मौसम के साथ कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि 8 और 9 सितंबर को प्रदेश में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
भूस्खलन बना बड़ी चुनौती
प्रदेश में लगातार हो रहे भूस्खलनों के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। वर्तमान में हिमाचल में चार राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) सहित कुल 1087 सड़कें बंद हैं, वहीं 2838 ट्रांसफार्मर खराब होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी ठप है।
कई दिन से बाधित कीरतपुर-मनाली फोरलेन को पांच दिन बाद यातायात के लिए बहाल किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा बनाला-औट क्षेत्र से मलबा हटाने के बाद कुल्लू की ओर फंसे वाहनों को मंडी की दिशा में रवाना किया गया।
रामपुर के ज्यूरी क्षेत्र में चट्टानें गिरने से एनएच दोबारा बंद हो गया है। किन्नौर के निगुलसरी में भी राजमार्ग अब तक अवरुद्ध है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेल सेवा और बांधों की स्थिति
कालका-शिमला रेल सेवा को भी बहाल कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, पौंग बांध का जलस्तर खतरे के निशान से 4.80 फीट ऊपर पहुंच गया है। शुक्रवार शाम चार बजे इसका जलस्तर 1394.80 फीट रिकॉर्ड किया गया, जबकि खतरे का स्तर 1390 फीट है।
इसके विपरीत, ऊना जिले स्थित भाखड़ा बांध में जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे थोड़ी राहत की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रभावित जनजीवन और प्रशासनिक निर्णय
शिमला जिले में शनिवार को दिव्यांग कर्मचारियों को दफ्तर न बुलाने का निर्णय लिया गया है; वे घर से काम करेंगे। कांगड़ा जिले के मुल्थान-बड़ा ग्रां और मुल्थान-लोहारड़ी मार्ग बंद होने से वहां राशन आपूर्ति बाधित है। वहीं, गरली के वार्ड नंबर 5 में एक मकान में दरारें आने की खबर है, जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं।
प्रदेश में मौसम की अस्थिरता और भूस्खलनों के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। प्रशासन लगातार राहत और पुनःस्थापना कार्यों में जुटा है, लेकिन लोगों को आगामी कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
