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September 30, 2026
Shimla

Digital Arrest: रिटायर्ड बैंक अधिकारी से 88.50 लाख की साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट का झांसा

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 88.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत शिमला के साइबर पुलिस थाने में दर्ज करवाई है।

पुलिस के अनुसार, साइबर ठगों ने रिटायर्ड बैंक चीफ मैनेजर को मनी लॉन्ड्रिंग के फर्जी मामले में फंसाने का झांसा दिया। ठगों ने पीड़ित पर बैंक खाते और सिम के दुरुपयोग का आरोप लगाया और वीडियो कॉल के जरिए फर्जी ऑनलाइन कोर्ट की कार्रवाई दिखाकर उन्हें डराया। पीड़ित को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट के झांसे में रखा गया और इस दौरान किसी से भी संपर्क करने से मना किया गया।

ठगों ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच और वेरिफिकेशन के लिए उनके बैंक खाते से रुपये ट्रांसफर करने होंगे, जो बाद में वापस कर दिए जाएंगे। इस झांसे में आकर पीड़ित ने 88.50 लाख रुपये ठगों के बताए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी विपिन के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ठगों ने राशि को बंगलूरु और पंजाब के जालंधर के बैंक खातों में ट्रांसफर करवाया, जिसे बाद में चेक और एटीएम के जरिए नौ अलग-अलग लेयर में निकाला गया।

डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर भरोसा न करने की अपील की है।

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