प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को हिमाचल प्रदेश का दौरा करेंगे। इस दौरान वह भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ से हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। कुल्लू और चंबा जिलों में प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद वह धर्मशाला में एक उच्चस्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में आपदा से हुए नुकसान की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
केंद्र सरकार की दो टीमें पहले ही हिमाचल पहुंच चुकी हैं, जो कुल्लू और चंबा में नुकसान का आकलन कर रही हैं। हिमाचल में इस साल बरसात के कारण आई आपदा से 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है और 366 लोगों की जान गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित जिले कांगड़ा, मंडी, चंबा, ऊना और कुल्लू हैं।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर हमला
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वह धर्मशाला में होने वाली बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने राज्य की सुक्खू सरकार पर आपदा राहत कार्यों में धीमी गति का आरोप लगाया। ठाकुर ने कहा कि आपदा से भारी नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार लोगों के अधिकार छीनने में लगी है। उन्होंने डीए, मेडिकल बिल, हायर ग्रेड पे और कॉन्ट्रैक्चुअल भर्ती जैसे मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना की। ठाकुर ने कहा कि सरकार लोगों को बसाने और सड़कों की मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर नहीं है, जिसके कारण सेब बागवान अपनी फसल नहीं तोड़ पा रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने बांटी राहत सामग्री
जयराम ठाकुर ने सराज विधानसभा क्षेत्र के बगड़ाथाच और बहल सैंज के आपदा प्रभावित खुनाची गांव का दौरा किया। इस गांव में भूस्खलन के कारण 50 घर प्रभावित हुए हैं, जिनमें 12 पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। प्रभावित परिवार खुनाची स्कूल में शरण लिए हुए हैं। सड़कें बंद होने से सेब की फसल खेतों में सड़ रही है। ठाकुर ने प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की।
हिमाचल में आपदा के बाद राहत और पुनर्वास के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
