काठमांडू: नेपाल में Gen-Z के नेतृत्व में हिंसक प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया है, जिसमें संसद, प्रधानमंत्री भवन, राष्ट्रपति भवन, मंत्रियों के घर, सुप्रीम कोर्ट और पुलिस चौकियों को आग के हवाले कर दिया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल के घर में भी आगजनी हुई, जिसमें उनकी पत्नी की जला कर मौत हो गई। नेपाली सेना लगातार शांति की अपील कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं मान रहे।
इस बीच, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी देश नेपाल की स्थिति पर पहला बयान जारी किया है। पीएम मोदी ने हिंसा पर गहरा दुख जताते हुए युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा, “नेपाल में इतने सारे युवाओं की मृत्यु से मुझे गहरा दुख हुआ है। नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि सर्वोपरि है। मैं नेपाल के सभी भाइयों और बहनों से विनम्रतापूर्वक शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील करता हूं।” पीएम मोदी ने अपनी अपील को नेपाली भाषा में भी एक्स पर साझा किया है।
प्रदर्शन सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुए थे, जो अब हिंसक रूप ले चुके हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नेपाली सरकार और सेना के प्रयास जारी हैं, लेकिन तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।
