बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में पोंजी स्कीम के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय और घुमारवीं क्षेत्र के लगभग 20 लोगों को ठगों ने वॉट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए आकर्षक ब्याज दरों का लालच देकर धोखाधड़ी का शिकार बनाया। पीड़ितों ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत दर्ज की है।
जानकारी के अनुसार, ठगों ने पीड़ितों को वॉट्सऐप और टेलीग्राम के माध्यम से पोंजी स्कीम में निवेश करने का लालच दिया। इसमें शुरुआती निवेश के बाद हर माह भारी ब्याज देने का वादा किया गया। पीड़ितों ने बताया कि पहले दो-तीन महीनों तक उन्हें ब्याज के रूप में कुछ पैसे मिले, जिसके बाद उन्होंने निवेश की राशि बढ़ा दी। लेकिन इसके बाद न तो ब्याज मिला और न ही मूल राशि वापस हुई। ठगों ने उनकी टेलीग्राम आईडी भी क्रैश कर दी, जिससे सारा पैसा डूब गया। एक पीड़ित से 20 लाख रुपये की ठगी हुई, जबकि अन्य का निवेश भी लाखों में था।
पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संदीप धवल ने बताया कि जिले में हाल ही में पोंजी स्कीम के नाम पर 15 से 20 लोगों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे केवल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से अधिकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ही लोन लें। उन्होंने साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी और कहा कि फिशिंग और एपीके लिंक के जरिए ठग ट्रैफिक चालान, बिजली बिल या केवाईसी अपडेट के बहाने फर्जी लिंक भेजते हैं, जिन पर क्लिक करने से बचना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि साइबर अपराध से बचाव केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों की सतर्कता भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपना एटीएम पिन, ओटीपी, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी भी कॉलर को न दें। साथ ही, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और कोई भी ऐप केवल आधिकारिक वेबसाइट या गूगल प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी ठगी से बचा जा सके।
