बिलासपुर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर गोलियां चलाने वाले शूटर अमन और सागर के पीछे गैंगस्टर बनने का जुनून, खौफ पैदा करने की चाहत और अपराध की दुनिया में नाम कमाने की लालसा थी। हरियाणा के रोहतक जिले के रितौली के रहने वाले अमन और सागर गैंगस्टर हिमांशु भाऊ से प्रभावित होकर अपराध की दुनिया में कूद पड़े। दोनों ने स्कूली शिक्षा छोड़ दी और पहलवानी जैसे ईमानदार पेशे से भी मुंह मोड़ लिया।
पुलिस ने अमन की महिला दोस्त से पूछताछ की है, यह जानने के लिए कि क्या वह इस साजिश में शामिल थी या उसे अमन के इरादों की जानकारी थी। इसके अलावा, हिमाचल पुलिस की टीम ने हर्ष से भी पूछताछ की है, जो 14 मार्च को रितौली में था और सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया।
अमन और सागर ने दुकान खोलने के बहाने हिमाचल प्रदेश का दौरा किया था। उन्होंने अपने परिवार से 10,000 रुपये लिए और कहा कि वे साइबर कैफे या ढाबा खोलने जा रहे हैं। हालांकि, उनका असली मकसद अपराध को अंजाम देना था। अमन का पिता एंबुलेंस चालक है, जबकि सागर का पिता मजदूरी करता है।
अमन और सागर पहले भी कई वारदातों में शामिल रहे हैं। कुछ महीने पहले, उन्होंने एक युवक पर चाकू से हमला किया था। उनके साथी हर्ष ने भी 14 मार्च को रितौली में एक युवक पर चाकू से हमला किया था। हालांकि, हर्ष इस घटना के समय हिमाचल में नहीं था, लेकिन पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस अब अमन और सागर के स्वजन और रिश्तेदारों की कॉल डिटेल जांच रही है ताकि उन तक पहुंचा जा सके। इसके अलावा, बंबर ठाकुर के साथ पहले उलझे एक युवक की तलाश भी तेज कर दी गई है। यह मामला अपराध की दुनिया में गहरी पैठ और युवाओं के गलत राह पर चलने की चुनौती को उजागर करता है।
