25.8 C
Baijnath
October 1, 2026
Shimla

Dharampur Bus Stand : सरकारी भवन अब खड्डों-नदियों के 100 मीटर दायरे में नहीं बनेंगे, धर्मपुर बस अड्डा बना सबक

शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि अब सरकारी भवनों का निर्माण खड्डों, नदियों और नालों के 100 मीटर के दायरे में नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह निर्णय बार-बार आपदाओं से होने वाले नुकसान को देखते हुए लिया है। मुख्यमंत्री ने मंडी जिला के धर्मपुर बस अड्डे का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां खड्ड और नाले के किनारे बने बस स्टैंड को हर बरसात में नुकसान हो रहा है। इस बार भी धर्मपुर में बसों को 10 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

शिमला में सचिवालय में एक बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि उन्होंने टीसीपी मंत्री राजेश धर्माणी के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि धर्मपुर बस अड्डा इस बात का जीता-जागता सबूत है कि अनुचित स्थानों पर निर्माण से कितना नुकसान हो सकता है।

कांग्रेस विधायक के सत्याग्रह पर बोले सीएम
धर्मपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर के सत्याग्रह पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार में विधायक का इस तरह अनशन करना बड़ी बात है। विधायक ने सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों को बदलने की मांग की थी, क्योंकि धर्मपुर से गुजरने वाली सड़क का काम ठीक नहीं हुआ, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। मंत्रालय ने अब हमीरपुर में प्रोजेक्ट डायरेक्टर के कार्यालय को बंद करने की बात कही है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से बात करेगी।

सड़कों की डीपीआर में गलतियां स्वीकारीं
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी सड़कों की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) में गलतियों को स्वीकार किया है। गडकरी ने कहा कि कई बार गूगल मैप के आधार पर डीपीआर बनाई जा रही हैं, जो सही नहीं है।

आपदा से 20,000 करोड़ का नुकसान
सीएम ने कहा कि इस साल की भारी बारिश ने 2023 की आपदा से भी अधिक नुकसान पहुंचाया है। पिछले तीन वर्षों में विभिन्न आपदाओं से राज्य को लगभग 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें कीमती जानें, बिजली, जलापूर्ति, सड़कें और निजी संपत्तियां प्रभावित हुई हैं। राज्य सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान कर रही है और क्षतिग्रस्त सड़कों, सिंचाई और जलापूर्ति योजनाओं को युद्धस्तर पर बहाल कर रही है।

उपायुक्तों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित जिलों के उपायुक्तों से स्थिति की जानकारी ली और उन्हें त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने असुरक्षित भवनों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने, क्षतिग्रस्त सड़कों और पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता पर बहाल करने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुएं व सहायता उपलब्ध कराने के आदेश दिए।

आगे की रणनीति
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आपदाओं से सबक लेते हुए भविष्य में निर्माण कार्यों में सावधानी बरती जाएगी। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के साथ आपदा प्रबंधन और पुनर्वास कार्यों को और प्रभावी बनाने की बात कही।

Related posts

Weather Update:हिमाचल में फिर शुरू होगा बारिश-बर्फबारी का लंबा दौर, जानिए कब करवट बदलेगा मौसम

Admin

हिमाचल में इस दिन से फिर होगी बारिश और बर्फबारी, प्रदेश के निचले क्षेत्रों में छाया रहेगा घना कोहरा

Admin

शिमला-मनाली में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट, अटल टनल में फंसीं 1000 गाड़ियां

Admin

Leave a Comment